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प्रियंका चोपड़ा ने सरोगेसी से जन्मी बेटी के अनुभव साझा किए, जानें उनकी भावनाएं

प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में सरोगेसी के जरिए जन्मी अपनी बेटी मालती मैरी के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह समय उनके लिए कितना चुनौतीपूर्ण था, खासकर जब उनकी बेटी का जन्म समय से पहले हुआ और उसे NICU में रहना पड़ा। प्रियंका ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया और अन्य माता-पिता को सलाह दी कि वे खुद की देखभाल करें। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें उनके साहस और ईमानदारी की सराहना की जा रही है।
 
प्रियंका चोपड़ा ने सरोगेसी से जन्मी बेटी के अनुभव साझा किए, जानें उनकी भावनाएं

प्रियंका चोपड़ा का भावुक खुलासा


बॉलीवुड और हॉलीवुड की मशहूर अदाकारा प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में सरोगेसी के माध्यम से जन्मी अपनी बेटी, मालती मैरी के जन्म और शुरुआती दिनों के अनुभवों के बारे में एक दिल छू लेने वाला बयान दिया। प्रियंका ने बताया कि यह समय उनके लिए बेहद व्यक्तिगत और चुनौतीपूर्ण था।


मीडिया की जल्दीबाजी और मानसिक स्थिति


उन्होंने कहा कि जब उनकी बेटी का जन्म हुआ, तब उनकी मानसिक स्थिति बहुत नाजुक थी। इसी दौरान उन्हें यह सूचना मिली कि मीडिया में उनकी बेटी के जन्म की खबर लीक होने वाली है। प्रियंका ने बताया कि वे खुद इस खबर को सही समय पर साझा करना चाहती थीं, लेकिन लीक के कारण उन्हें जल्दी में सार्वजनिक घोषणा करनी पड़ी।


प्रीमैच्योर जन्म और NICU का अनुभव

प्रियंका ने बताया कि उनकी बेटी 27 हफ्ते में जन्मी थी, जो कि समय से पहले का था। इसके चलते बच्ची को 100 दिनों से अधिक समय तक नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में रहना पड़ा। यह समय उनके लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण था।


ध्यान और मानसिक समर्थन का महत्व

इस कठिन समय में प्रियंका ने अपनी मानसिक मजबूती के लिए महामृत्युंजय मंत्र जैसे मंत्रों का जाप किया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया ने उन्हें और उनकी बेटी को मानसिक सुकून प्रदान किया। प्रियंका ने यह भी बताया कि माता-पिता के रूप में यह अनुभव उन्हें सहनशीलता और धैर्य सिखाने वाला था।


अन्य माता-पिता के लिए संदेश

प्रियंका ने अपने अनुभव साझा करते हुए उन माता-पिता, विशेषकर महिलाओं के लिए एक संदेश दिया, जो सरोगेसी या प्रीमेच्योर बच्चों की देखभाल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में मानसिक समर्थन और खुद की देखभाल उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी बच्चे की।


सोशल मीडिया पर प्रियंका की कहानी

प्रियंका चोपड़ा की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है। उनके फैंस और साथी सितारे उनके साहस और ईमानदारी की सराहना कर रहे हैं। उनके इस खुलासे से यह संदेश भी गया है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की चिंता के बीच माता-पिता को अपने भावनात्मक अनुभव को स्वीकार करना चाहिए।


विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रीमेच्योर बच्चों के लिए लंबा NICU स्टे और माता-पिता की चिंता स्वाभाविक है। ऐसे समय में मानसिक समर्थन, ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास से माता-पिता और बच्चे दोनों को लाभ मिलता है।


प्रियंका का संदेश

कुल मिलाकर, प्रियंका चोपड़ा ने अपने व्यक्तिगत और कठिन अनुभव को साझा करके न केवल अपने फैंस के साथ एक गहरा संबंध बनाया है, बल्कि माता-पिता को यह याद दिलाया है कि कठिन समय में धैर्य, मानसिक समर्थन और प्यार सबसे बड़ी ताकत है।


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