प्रभु देवा: संघर्ष और सफलता की कहानी, जानें 'इंडिया के माइकल जैक्सन' की प्रेरणादायक यात्रा
प्रभु देवा का अनोखा सफर
मुंबई, 2 अप्रैल। फिल्म उद्योग में कुछ ऐसे कलाकार होते हैं, जिनकी कहानी केवल सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष और मेहनत की भी होती है। प्रभु देवा, जिन्हें 'इंडिया का माइकल जैक्सन' कहा जाता है, ऐसे ही एक सितारे हैं।
प्रभु देवा ने अपने अद्वितीय डांस स्टाइल से लाखों लोगों का दिल जीता है और उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। एक बार शूटिंग के दौरान अचानक उनके शरीर ने काम करना बंद कर दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और फिर से मजबूती से वापसी की। यही जज्बा उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।
प्रभु देवा का जन्म 3 अप्रैल 1973 को कर्नाटक के मैसूर में हुआ। उनका पूरा नाम प्रभु देवा सुंदरम है। उनके परिवार में पहले से ही डांस का माहौल था, क्योंकि उनके पिता मुगुर सुंदर साउथ फिल्मों के प्रसिद्ध डांस मास्टर थे। प्रभु ने बचपन से ही डांस में रुचि दिखाई और बहुत कम उम्र में क्लासिकल डांस सीखना शुरू किया।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बैकग्राउंड डांसर के रूप में की। छोटे-छोटे रोल और डांस करने के बाद उन्हें कोरियोग्राफी का मौका मिला। 1989 में उन्होंने 'मैं ऐसा क्यों हूं', 'मुकाबला' और 'के सेरा सेरा' जैसे गानों में कोरियोग्राफर के रूप में काम किया। इसके बाद उन्होंने 'काधलन' जैसी फिल्मों में अभिनय किया और अपनी पहचान बनाई।
प्रभु देवा ने निर्देशन में भी कदम रखा और 'वॉन्टेड' जैसी सुपरहिट फिल्म का निर्देशन किया, जिसमें सलमान खान थे। इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता पाई, बल्कि प्रभु को एक सफल निर्देशक के रूप में भी स्थापित किया।
उनके जीवन का सबसे चौंकाने वाला पल तब आया जब एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें अचानक टेम्परेरी पैरालिसिस अटैक आया। उस समय स्थिति गंभीर हो गई थी और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा। डॉक्टरों ने बताया कि यह मांसपेशियों में खिंचाव के कारण हुआ था। कुछ समय के इलाज के बाद उन्होंने खुद को संभाला और फिर से डांस की दुनिया में लौट आए।
प्रभु देवा को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए कई पुरस्कार मिले हैं, जिनमें दो बार का नेशनल अवॉर्ड और 2019 में मिला पद्मश्री शामिल है।
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