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परख मदन ने साझा की टीवी करियर की चुनौतियाँ और बदलाव

परख मदन, जो जीटीवी के 'भाग्य लक्ष्मी' में आंचल का किरदार निभा रही हैं, ने अपने करियर में आए बदलावों और व्यक्तिगत संघर्षों के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे बीमारी के बाद वापसी करना चुनौतीपूर्ण था और किस प्रकार उन्होंने अपने किरदारों की गुणवत्ता को प्राथमिकता दी। जानें उनके अनुभव और विचार ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के बारे में।
 
परख मदन ने साझा की टीवी करियर की चुनौतियाँ और बदलाव

परख मदन की यात्रा: टीवी उद्योग में बदलाव और व्यक्तिगत संघर्ष


मुंबई, 7 जनवरी। जीटीवी के चर्चित धारावाहिक 'भाग्य लक्ष्मी' में आंचल का किरदार निभाने वाली परख मदन ने टीवी उद्योग में अपने दो दशकों के अनुभव को साझा किया।


अभिनेत्री ने हाल ही में एक साक्षात्कार में बताया कि बीमारी के बाद वापस लौटना उनके लिए कितना कठिन था।


सवाल: आपने कहा है कि आपने टेलीविजन में कई बदलाव देखे हैं। आपकी शुरुआत के समय की तुलना में आज का टेलीविजन कितना अलग है?


जवाब: जब मैं अपने करियर की शुरुआत की ओर देखती हूं, तो मुझे लगभग 20 साल हो गए हैं। यह सफर हमेशा आसान नहीं रहा। कई बार मैंने काम किया और कई बार ब्रेक लिया। आज का टेलीविजन पहले की तुलना में बहुत अधिक संगठित है। पहले, प्रोडक्शन हाउस इतने व्यवस्थित नहीं थे। अब, सिस्टम और पेशेवर रवैया बहुत बेहतर हो गया है। पहले केवल कुछ चैनल थे, लेकिन अब कई स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ी है।


सवाल: आपने कई प्रकार के किरदार निभाए हैं। क्या आपके करियर में कोई ऐसा मोड़ आया जिसने आपकी सोच को बदल दिया?


जवाब: हां, मैंने हमेशा सोचा कि मुझे केवल मुख्य भूमिकाएं निभानी चाहिए। लेकिन जब मैं वापस आई, तो मैंने देखा कि अब मुझे मुख्य भूमिकाएं नहीं मिल रही थीं। उम्र और कहानी की जरूरतों के अनुसार कास्टिंग बदलती है। मैंने यह स्वीकार किया कि किरदार की गुणवत्ता अधिक महत्वपूर्ण है।


सवाल: आपकी पहली नकारात्मक भूमिका का अनुभव कैसा था?


जवाब: यह बहुत खास था। वह मेरा पहला नकारात्मक किरदार था और मैंने शो की मुख्य खलनायिका का रोल निभाया। यह अनुभव मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण था।


सवाल: आपके दो प्रोजेक्ट्स के बीच एक कठिन समय आया था। उस समय का आपके पर क्या प्रभाव पड़ा?


जवाब: वह समय मेरे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण था। मैं लंबे समय तक बीमार रही और मुझे एक शो छोड़ना पड़ा। मेरे पिता का निधन भी मेरे लिए एक बड़ा सदमा था। ये अनुभव एक कलाकार की भावनात्मक गहराई में योगदान देते हैं।


सवाल: टेलीविजन में लंबे घंटे और व्यस्त कार्यक्रम होते हैं। आप इसे कैसे संभालती हैं?


जवाब: टेलीविजन एक चुनौतीपूर्ण माध्यम है। हमें रोजाना नया कंटेंट तैयार करना होता है। इसके बावजूद, हम काम करते रहते हैं क्योंकि हमें यह पसंद है।


सवाल: ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के बढ़ने से क्या आपको लगता है कि बेहतर कमाई और अवसर मिलते हैं?


जवाब: मैं सभी प्लेटफॉर्म्स पर काम करने के लिए तैयार हूं। किरदार की गुणवत्ता मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। हालांकि, मैं नहीं मानती कि ओटीटी में जाने का मतलब हमेशा बेहतर अवसर मिलना है। कई कलाकार हैं जो ओटीटी में काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें फिल्मों में मौका नहीं मिला।


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