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पंजाबी म्यूजिक में महिलाओं की छवि पर रैपर किंग का बयान: क्या है उनकी सोच?

रैपर किंग ने पंजाबी म्यूजिक में महिलाओं के चित्रण पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि म्यूजिक को एक व्यक्तिगत कला के रूप में देखना चाहिए और इसे किसी एक इंडस्ट्री में सीमित नहीं करना चाहिए। किंग ने श्रोताओं से आग्रह किया कि वे गानों को उनकी वाइब के आधार पर समझें, न कि केवल शब्दों के लिए। जानें उनके विचार और म्यूजिक के प्रति उनकी सोच के बारे में।
 
पंजाबी म्यूजिक में महिलाओं की छवि पर रैपर किंग का बयान: क्या है उनकी सोच?

पंजाबी म्यूजिक में महिलाओं का चित्रण




मुंबई, 12 मई - सिंगर और रैपर किंग, जिनका असली नाम अर्पण कुमार चंदेल है, ने पंजाबी फिल्म उद्योग में महिलाओं के चित्रण पर अपने विचार साझा किए। एक विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि समय के साथ चीजें बदलती हैं, इसलिए म्यूजिक को किसी एक इंडस्ट्री या जॉनर में सीमित नहीं करना चाहिए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे म्यूजिक को एक व्यक्तिगत कला के रूप में देखें।


जब उनसे पूछा गया कि पंजाबी गानों में महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच का आरोप क्यों लगता है, तो किंग ने कहा कि म्यूजिक को एक ऐसी कला के रूप में देखना चाहिए जो हर किसी के लिए अलग होती है।


किंग ने कहा, "क्या आपने भोजपुरी या बॉलीवुड गाने सुने हैं? क्या लोगों ने वास्तव में इतना म्यूजिक सुना है? मेरे अनुसार, म्यूजिक एक बहुत ही व्यक्तिगत अनुभव है।"


उन्होंने यह भी बताया कि कलाकार अपने अनुभवों और परिवेश के अनुसार विकसित होते हैं। उनके अनुसार, म्यूजिक अक्सर जीवन के विभिन्न चरणों और व्यक्तिगत यात्राओं को दर्शाता है।


किंग ने कहा, "कलाकार भी इंसान होते हैं। किसी कलाकार के पिछले अनुभव उसके म्यूजिक में झलक सकते हैं। खासकर हिप-हॉप में, कभी-कभी अनुभवों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है।"


सुपरहिट गानों जैसे 'तू आके देख ले', 'मान मेरी जान' और 'ओप्स' के निर्माता किंग ने कहा कि श्रोताओं की भी जिम्मेदारी है कि वे कला को व्यापक दृष्टिकोण से समझें। उन्होंने कहा कि हर कलाकार को समय के साथ बदलना चाहिए और श्रोताओं को भी यह समझना चाहिए कि म्यूजिक हर किसी के लिए अलग होता है।


किंग ने विवादित बोल वाले गानों की लोकप्रियता पर कहा कि गाने की 'वाइब' महत्वपूर्ण होती है। कभी-कभी बात शब्दों की नहीं होती, बल्कि गाने की ऊर्जा की होती है। उन्होंने कहा कि हमें म्यूजिक को उसकी वास्तविकता से ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।


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