नाना पाटेकर का निधन: भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति
नाना पाटेकर का निधन
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का निधन गुरुवार सुबह गोवा में उनके निवास पर 75 वर्ष की आयु में हुआ। उनके निधन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया। गडकरी ने कहा कि नाना पाटेकर ने संवाद अदायगी के अपने अनोखे तरीके से कई किरदारों को अमर बना दिया और उन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग में अपनी एक विशेष पहचान बनाई। उनका जाना एक बड़ी क्षति है।
गडकरी ने अपने शोक संदेश में लिखा, "नाना पाटेकर के निधन की खबर सुनकर मैं बेहद दुखी हूं। उनके साथ मेरे करीबी संबंध थे। उन्होंने अपनी अदाकारी से पांच दशकों तक मराठी और हिंदी सिनेमा में दर्शकों के दिलों पर राज किया।"
उन्होंने यह भी कहा कि नाना का जल संरक्षण और ग्रामीण महाराष्ट्र में उनके कार्य उल्लेखनीय थे। आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की मदद करने के लिए उनका योगदान कई लोगों के लिए सहारा बना। नाना एक असाधारण कलाकार होने के साथ-साथ समाज के प्रति संवेदनशील व्यक्ति भी थे।
केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "उनके अद्वितीय अभिनय और सिनेमा में योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।"
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी नाना के निधन पर दुख जताया और कहा कि उनकी आवाज और अभिनय का अंदाज दिल को छू जाता था।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि नाना का योगदान केवल सिनेमा तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने जल संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने नाना पाटेकर को एक संवेदनशील समाजसेवी और महान कलाकार बताया।
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार ने भी उनके निधन को भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ा नुकसान बताया।
--समाचार स्रोत
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