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धर्मेंद्र: सिनेमा के 'ही-मैन' का अद्भुत सफर और उनकी विरासत

धर्मेंद्र, जिन्हें 'ही-मैन' के नाम से जाना जाता है, ने 90 साल की उम्र में भी सिनेमा में अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता। उनके जीवन की कहानी, परिवार, और फिल्मी सफर पर एक नजर डालते हैं। जानें कैसे उन्होंने सिनेमा में अपनी पहचान बनाई और अपनी विरासत छोड़ी।
 
धर्मेंद्र: सिनेमा के 'ही-मैन' का अद्भुत सफर और उनकी विरासत

धर्मेंद्र का अद्वितीय सफर


नई दिल्ली, 24 नवंबर। फिल्मी दुनिया में धर्मेंद्र का सफर अभी भी जारी था। चाहे वह बड़े पर्दे पर हों या छोटे पर, उनकी उम्र 90 होने के बावजूद उनमें वही ठसक और मर्दानगी थी। उनकी आवाज़ में ऐसा जादू था कि हर शब्द संवाद की तरह सुनाई देता था।


300 से अधिक फिल्मों में अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने वाले धर्मेंद्र, जिन्हें 'ही-मैन' के नाम से जाना जाता है, ने अपने 90वें जन्मदिन से पहले ही दर्शकों के दिलों में अपनी यादों का एक अमिट निशान छोड़ दिया।


89 साल की उम्र में भी उनके चेहरे पर एक अद्भुत चमक थी, जो उनके परिवार के किसी सदस्य में नहीं थी। उनके पास दो पत्नियां, छह बच्चे और 13 नाती-पोते हैं, लेकिन कोई भी उनकी तरह का कलाकार नहीं था। जब भी उनकी आवाज़ पर्दे पर गूंजती, दर्शक अपने स्थान पर स्थिर हो जाते।


धर्मेंद्र ने महज 19 साल की उम्र में प्रकाश कौर से विवाह किया, जब वह सिनेमा में कदम भी नहीं रख पाए थे। उनके चार बच्चे हुए: सनी देओल, बॉबी देओल, विजेता देओल और अजीता देओल।


धर्मेंद्र का करियर 70 के दशक में तेजी से बढ़ा, जब उन्होंने 'शोले' जैसी फिल्म में हेमा मालिनी के साथ काम किया। इस फिल्म के बाद उनकी शादी की खबरें भी आईं, लेकिन धर्मेंद्र ने 2004 में इन अफवाहों को खारिज किया।


धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की शादी से दो बेटियां हुईं, ईशा और अहाना। उनके परिवार में अब 13 नाती-पोते हैं, जो उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।


धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के लुधियाना जिले के नसराली गांव में हुआ था। उनके माता-पिता एक पंजाबी जाट परिवार से थे।


2012 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया और 2004 में भाजपा के टिकट पर लोकसभा में भी पहुंचे।


धर्मेंद्र की जोड़ी हर अभिनेत्री के साथ पसंद की गई, लेकिन हेमा मालिनी के साथ उनकी जोड़ी को विशेष प्यार मिला। उन्होंने 28 फिल्मों में एक साथ काम किया।


धर्मेंद्र ने अपने प्रोडक्शन हाउस के तहत तीन सफल फिल्में बनाई, जबकि हेमा मालिनी की तीन निर्देशित फिल्में दर्शकों को पसंद नहीं आईं।


धर्मेंद्र ने 1958 में फिल्मफेयर टैलेंट कॉन्टेस्ट में भाग लिया और 1960 में 'दिल भी तेरा हम भी तेरे' से बॉलीवुड में कदम रखा। उनकी पहली प्रमुख फिल्म 'फूल और पत्थर' थी, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।


धर्मेंद्र को 70 के दशक में 'वर्ल्ड आयरन मैन' का खिताब मिला और 1997 में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजा गया।


धर्मेंद्र की फिल्म 'शोले' के साथ-साथ 'प्रतिज्ञा' भी एक हिट फिल्म थी, जिसमें उनका गाना 'मैं जट यमला पगला दीवाना' आज भी लोगों की जुबां पर है।


धर्मेंद्र ने 2025 में 'इक्कीस' नामक फिल्म में वापसी करने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्होंने अपने चाहने वालों को अलविदा कह दिया।


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