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धर्मेंद्र और तनुजा की अनोखी कहानी: थप्पड़ से शुरू हुआ भाई-बहन का रिश्ता

धर्मेंद्र और तनुजा की कहानी एक दिलचस्प घटना से शुरू होती है जब धर्मेंद्र ने तनुजा के साथ फ्लर्ट करने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप तनुजा ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। इस घटना ने उनके रिश्ते को एक नया मोड़ दिया, जिससे वे भाई-बहन बन गए। जानिए कैसे इस थप्पड़ ने उनके बीच की कड़वाहट को खत्म किया और उन्हें एक मजबूत बंधन में बांध दिया।
 

धर्मेंद्र का फ्लर्ट और तनुजा की प्रतिक्रिया



मुंबई, 23 सितंबर (वेब वार्ता)। फिल्म 'चांद और सूरज' के सेट पर अभिनेता धर्मेंद्र ने जब तनुजा के साथ छेड़खानी करने की कोशिश की, तो एक्ट्रेस ने गुस्से में आकर उन्हें एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया।


हिंदी सिनेमा के पुराने दिनों के किस्से आज भी दर्शकों को चौंका देते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा 60 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस तनुजा और धर्मेंद्र से जुड़ा है। यह घटना 1965 में आई फिल्म 'चांद और सूरज' की शूटिंग के दौरान हुई। उस समय धर्मेंद्र फिल्म इंडस्ट्री में नए थे और तनुजा अपनी पहचान बना रही थीं।


सेट पर काम करते-करते दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी। वे अक्सर शूटिंग के बाद एक साथ समय बिताते थे। लेकिन एक दिन धर्मेंद्र की एक हरकत ने उनके रिश्ते में दरार डाल दी।


एक दिन सेट पर माहौल सामान्य था, लेकिन धर्मेंद्र ने मजाक में तनुजा के साथ फ्लर्ट करना शुरू कर दिया। तनुजा को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्हें लगा कि धर्मेंद्र उनकी सीमाओं का उल्लंघन कर रहे हैं, जबकि वह उनकी पत्नी प्रकाश कौर को अच्छी तरह जानती थीं।


तनुजा का गुस्सा और धर्मेंद्र की शर्मिंदगी

तनुजा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने तुरंत धर्मेंद्र को एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। वहां मौजूद सभी लोग इस दृश्य को देखकर हैरान रह गए। थप्पड़ के बाद, तनुजा ने धर्मेंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि वह एक शादीशुदा आदमी हैं और इस तरह की हरकत कैसे कर सकते हैं।


इस घटना के बाद सेट पर कुछ समय के लिए सन्नाटा छा गया। धर्मेंद्र को अपनी गलती का एहसास हुआ और वह बेहद शर्मिंदा हो गए। उन्होंने समझ लिया कि उन्होंने मजाक की हद पार कर दी थी। इसके बाद, उन्होंने तनुजा से माफी मांगी और इस कड़वाहट को दूर करने की गुजारिश की।


भाई-बहन का रिश्ता

धर्मेंद्र ने तनुजा से कहा कि वह उन्हें अपना भाई मान लें ताकि उनके बीच का मनमुटाव खत्म हो सके। शुरुआत में तनुजा नाराज थीं और उन्होंने धर्मेंद्र की बात मानने से इनकार कर दिया। लेकिन जब उन्होंने धर्मेंद्र की आंखों में सच्ची शर्मिंदगी देखी, तो उनका दिल पिघल गया।


तनुजा ने धर्मेंद्र को माफ कर दिया और उनके हाथ पर एक काला धागा बांधकर उन्हें अपना भाई बना लिया। इसके बाद, दोनों के बीच का रिश्ता और भी मजबूत हो गया। उस घटना के बाद से उनके बीच कभी कोई कड़वाहट नहीं आई और उन्होंने कई सफल फिल्मों में एक साथ काम किया।


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