दीया मिर्जा के समर्थन में उठी आवाजें, BMC कमिश्नर को हटाने की मांग
मुंबई में दीया मिर्जा का वीडियो विवाद
मुंबई, 2 नवंबर। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री दीया मिर्जा का दिवाली पर प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाने वाला वीडियो अब एक बड़ा विवाद बन गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। यह कदम मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम की आपत्ति के बाद उठाया गया। हालांकि, इस अभियान में शामिल अन्य हस्तियों के वीडियो अभी भी बीएमसी के सोशल मीडिया पर मौजूद हैं।
बीएमसी ने दिवाली के अवसर पर लोगों से पटाखे न जलाने और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने की अपील की थी। इस मुहिम में दीया मिर्जा के साथ-साथ माधुरी दीक्षित, मराठी अभिनेत्री निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे जैसी कई जानी-मानी हस्तियों ने भाग लिया था। सभी ने वीडियो के माध्यम से प्रदूषण कम करने की अपील की थी।
हालांकि, 1 नवंबर को भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने दीया के वीडियो पर आपत्ति जताते हुए लिखा कि हमें दीया मिर्जा से दिवाली मनाने का तरीका सीखने की आवश्यकता नहीं है।
कुछ ही घंटों बाद, बीएमसी ने दीया का वीडियो हटा दिया, जबकि अन्य हस्तियों के वीडियो को बरकरार रखा। नगर निगम ने इस निर्णय पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया।
इस कार्रवाई के बाद दीया मिर्जा के समर्थन में आवाजें उठने लगी हैं। उनके समर्थन में जारी एक बयान में बीएमसी की कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताया गया है और नगर आयुक्त को हटाने तथा अभिनेत्री से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है।
बयान में कहा गया है कि दीया मिर्जा ने मुंबईवासियों के लिए प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने का संदेश दिया था। उनका वीडियो सकारात्मक था और इसका उद्देश्य लोगों को पटाखों से होने वाले प्रदूषण के प्रति जागरूक करना था। भाजपा के दबाव के चलते केवल दीया का वीडियो हटाया गया, जबकि अन्य हस्तियों के वीडियो अभी भी मौजूद हैं। यह भेदभाव निंदनीय है।
बयान में यह भी कहा गया है कि धर्म चाहे कोई भी हो, संविधान के अनुसार सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। नगर निगम की जिम्मेदारी सभी नागरिकों के प्रति समान होनी चाहिए।
इसमें नगर आयुक्त की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए गए हैं। बयान में कहा गया है कि नगर आयुक्त एक सरकारी अधिकारी होते हैं और उन्हें समानता और धर्मनिरपेक्षता जैसे मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए। ऐसे भेदभावपूर्ण कार्यों के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और नगर आयुक्त को तुरंत उनके पद से हटाया जाना चाहिए।
दीया मिर्जा के वीडियो को फिर से बीएमसी के सोशल मीडिया पर जारी करने और अभिनेत्री से बिना शर्त माफी मांगने की भी मांग की गई है। बयान में कहा गया है कि भाजपा की नफरत की राजनीति मुंबई में सफल नहीं होगी। मुंबई की असली पहचान विभिन्न धर्मों के लोगों की एकता और आपसी सम्मान है।
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