दिल्ली हाई कोर्ट ने हनी सिंह और बादशाह के 'वॉल्यूम 1' को हटाने का दिया आदेश, जानें क्यों?
दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त फैसला
नई दिल्ली, 2 अप्रैल। रैपर बादशाह के गाने 'टटीरी' और नोरा फतेही तथा संजय दत्त के 'सरके चुनर तेरी' के बाद, अब हनी सिंह और बादशाह के 26 साल पुराने गाने 'वॉल्यूम 1' पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस गाने को सभी सोशल मीडिया और म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया है। न्यायालय ने कहा कि इस गीत को देखकर उनकी अंतरात्मा झकझोर जाती है। इसे अत्यधिक अपमानजनक और अश्लील करार दिया गया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह गाना महिलाओं के प्रति घोर अभद्रता, अश्लीलता और अपमान का प्रतीक है, और कोई सभ्य समाज इस प्रकार की सामग्री को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नहीं रख सकता।
इस गाने को 2000 में रिलीज किया गया था, तब भी यह विवादों में रहा था। उस समय बादशाह ने कहा था कि उन्होंने गाने के बोल नहीं लिखे हैं, जबकि हनी सिंह ने एक इवेंट में स्वीकार किया था कि गाना उन्होंने ही लिखा है।
'वॉल्यूम 1' को हनी सिंह ने हिप-हॉप ग्रुप 'माफिया मुंडीर' के शुरुआती दिनों में गाया था, लेकिन बाद में यह ग्रुप टूट गया। इस ग्रुप में हनी सिंह के अलावा रफ्तार, बादशाह, मनी औजला, लिल गोलू और दे स्टार जैसे कलाकार शामिल थे।
इससे पहले, हनी सिंह के कॉन्सर्ट में दिल्ली की सर्दी और लड़कियों को लेकर दिए गए बयान की भी आलोचना हुई थी, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर माफी मांगी थी। यह पहली बार नहीं है जब सिंगर पर अभद्रता के आरोप लगे हैं। उनके कमबैक सॉन्ग 'मैनिएक' और 'मैं हूं वूमेनाइजर' समेत कई गानों पर विवाद उठ चुका है।
वहीं, बादशाह का गाना 'टटीरी' हाल ही में सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। इस गाने में महिलाओं के प्रति अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया था। हरियाणा महिला आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग ने बादशाह को समन भेजा, लेकिन वह आयोग के सामने पेश नहीं हुए। बादशाह ने गाने के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगी थी।
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