दिलजीत दोसांझ ने छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज, पुलिस कार्रवाई पर जताया गुस्सा
दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में दिल्ली में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। पहले इस प्रोटेस्ट से दूरी बनाने वाले दिलजीत ने किसान आंदोलन का भी जिक्र किया और बताया कि उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था। जानें इस मुद्दे पर उनकी पूरी प्रतिक्रिया और पहले दूरी बनाने का कारण क्या था।
Tue, 21 Jul 2026
दिलजीत दोसांझ का समर्थन
सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस घटना के बाद, पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई है।
दिलजीत, जो पहले इस प्रोटेस्ट से दूर थे, ने अब सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, "आज जो हुआ वह अत्यंत दुखद था। छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था। मैं अधिकारियों से अनुरोध करता हूं कि वे छात्रों की मांगों को सुनें। जनता की आवाज ही भगवान की आवाज होती है।"
किसान आंदोलन का संदर्भ
किसान आंदोलन के दौर को किया याद
दिलजीत ने अपनी पोस्ट में किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें पता है कि इस बयान के बाद उन्हें फिर से आलोचना का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने लिखा, "मुझ पर पहले भी कई बार एंटी-नेशनल होने का आरोप लगाया गया है। अब भी मुझे देशद्रोही कहा जाएगा। किसान आंदोलन के बाद मुझे कई तरह की ट्रोलिंग और कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ा था, जिन्हें मैं शब्दों में नहीं कह सकता... बाकी रब सब देख रहा है, बाबा भली करेगा।"
पहले दूरी बनाने का कारण
पहले क्यों बनाई थी दूरी?
जुलाई की शुरुआत में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान, जब एक प्रशंसक ने दिलजीत से सीजेपी के इस प्रोटेस्ट में शामिल होने के बारे में पूछा, तो उन्होंने खुद को इससे अलग कर लिया था। उस समय उन्होंने कहा था, "मुझे इन सब चीजों से दूर रखो भाई... मैं एक कलाकार हूं, नेता नहीं। मुझे नहीं पता आप मेरे बारे में क्या सोचते हैं।" लेकिन सोमवार को छात्रों पर हुई कार्रवाई के बाद, दिलजीत ने अपनी बात खुलकर रखी।
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