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तेज सप्रू: बॉलीवुड के खतरनाक खलनायक की अनकही कहानी

तेज सप्रू, बॉलीवुड के जाने-माने खलनायक, ने अपने करियर में 80 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उनका सफर हीरो से खलनायक बनने तक का है, जिसमें उन्होंने कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। जानें उनके जीवन की अनकही कहानियां, परिवार और फिल्मी सफर के बारे में।
 
तेज सप्रू: बॉलीवुड के खतरनाक खलनायक की अनकही कहानी

तेज सप्रू का फिल्मी सफर


मुंबई, 4 अप्रैल। किसी भी फिल्म में नायक की बहादुरी और एक्शन का महत्व तो होता है, लेकिन जब तक एक दमदार खलनायक न हो, फिल्म का मजा अधूरा रहता है। तेज सप्रू, जो अमरीश पुरी, शक्ति कपूर और परेश रावल जैसे दिग्गजों की परंपरा को आगे बढ़ाते हैं, ने अपने खतरनाक किरदारों से दर्शकों को हमेशा प्रभावित किया है। क्रिकेटर बनने का सपना देखने वाले तेज ने फिल्म इंडस्ट्री में हीरो के तौर पर कदम रखा, लेकिन बाद में खलनायक की भूमिकाओं ने उन्हें खास पहचान दिलाई।


फिल्म ‘त्रिदेव’ में गोगा और ‘मोहरा’ में इरफान जैसे यादगार किरदारों के लिए जाने जाने वाले तेज सप्रू आज भी अपने प्रभावशाली अभिनय के लिए दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं।


तेज सप्रू का जन्म 5 अप्रैल 1955 को मुंबई में हुआ। भूरी आंखों वाले इस अभिनेता को उनके विलेन रोल्स के लिए आज भी याद किया जाता है। उन्होंने अपने करियर में 80 से अधिक फिल्मों में काम किया, जिनमें से अधिकांश में उन्होंने नकारात्मक भूमिकाएं निभाईं। तेज का परिवार भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ है; उनके पिता डी.के. सप्रू, बहन प्रीति सप्रू और चाचा जीवन सप्रू भी अभिनेता रहे हैं। रेखा की बहन धनलक्ष्मी से उनकी शादी हुई है, जिससे वह रेखा के जीजा बन गए।


बचपन में तेज सप्रू क्रिकेट और बैडमिंटन के शौकीन थे और उनका सपना क्रिकेटर बनने का था। हालांकि, किस्मत ने उन्हें अभिनय की ओर मोड़ दिया। एक बार उनके पिता ने बताया कि फिल्म ‘सुरक्षा’ के निर्देशक को नए हीरो की तलाश है। तेज अपने जीजा के साथ निर्देशक से मिलने गए, और निर्देशक ने उन्हें पहली नजर में ही चुन लिया। इस तरह उनकी फिल्मी यात्रा शुरू हुई।


1979 में आई फिल्म ‘सुरक्षा’ में उन्होंने हीरो का किरदार निभाया, लेकिन कुछ समय बाद उनके पिता की तबीयत बिगड़ गई। 20 अक्टूबर 1979 को दीपावली के दिन पूजा के बाद जब वह घर लौटे, तो उनके पिता का निधन हो चुका था। इस घटना ने तेज पर परिवार की जिम्मेदारी डाल दी, और उन्हें जल्दी ही काम करना पड़ा। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने जो भी रोल मिला, उसे स्वीकार किया, और धीरे-धीरे खलनायक की भूमिकाएं मिलने लगीं।


1989 उनके करियर का सुनहरा साल साबित हुआ, जब उन्होंने फिल्म ‘त्रिदेव’ में गोगा का किरदार निभाया, जो दर्शकों को बेहद पसंद आया। इसके बाद, 1994 में आई फिल्म ‘मोहरा’ में उन्होंने गुंडे इरफान का रोल किया, जो उनके करियर का एक और महत्वपूर्ण किरदार था। इसके अलावा, उन्होंने ‘घायल’, ‘दिव्य शक्ति’, और ‘विश्वात्मा’ जैसी कई फिल्मों में यादगार खलनायक की भूमिकाएं निभाईं।


तेज सप्रू ने टेलीविजन में भी अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कई सफल टीवी शोज में काम किया, और उनकी विशिष्ट आवाज और प्रभावशाली व्यक्तित्व ने उन्हें एक विश्वसनीय चरित्र अभिनेता के रूप में स्थापित किया। तेज की पत्नी धनलक्ष्मी हैं और उनकी एक बेटी आकांक्षा है। उनकी दो बहनें प्रीति और रीमा हैं, जिनकी शादी प्रोड्यूसर राकेश नाथ से हुई है।


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