तिग्मांशु धूलिया और इरफान खान: एक अनोखी दोस्ती की कहानी
तिग्मांशु धूलिया का फिल्मी सफर
मुंबई, 2 जुलाई। हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने अपनी कहानियों को अद्वितीय तरीके से दर्शकों के सामने पेश किया है। उनके करियर में कई कलाकारों का आना-जाना रहा, लेकिन इरफान खान के साथ उनका रिश्ता विशेष रहा। यह जुड़ाव एनएसडी के दिनों से शुरू हुआ और बाद में भारतीय सिनेमा की कई यादगार फिल्मों में नजर आया। तिग्मांशु अक्सर कहते थे कि इरफान अभिनय नहीं करते, बल्कि वह अपने किरदारों को जीते हैं।
तिग्मांशु धूलिया का जन्म 3 जुलाई 1967 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुआ। वह एक शिक्षित परिवार से हैं, जहां उनके पिता केसी धूलिया वकील और बाद में जज बने, जबकि उनकी मां सुमित्रा धूलिया संस्कृत की प्रोफेसर थीं। घर में पढ़ाई का माहौल होने के बावजूद तिग्मांशु का झुकाव हमेशा कहानियों और थिएटर की ओर रहा। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इलाहाबाद में प्राप्त की और फिर देहरादून में पढ़ाई की।
कॉलेज के दिनों में उनका थिएटर की ओर रुझान बढ़ा और उन्होंने नाटकों में भाग लेना शुरू किया। इसके बाद, उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी), दिल्ली में दाखिला लिया और 1989 में थिएटर में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की। इसी दौरान उनकी मुलाकात इरफान खान से हुई, जिन्होंने एक ही माहौल में अभिनय की शिक्षा ली।
एनएसडी के बाद, तिग्मांशु ने फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में कदम रखा। 1990 में उन्होंने 'बैंडिट क्वीन' में काम किया और इसके बाद असिस्टेंट डायरेक्टर और लेखक के रूप में भी कार्य किया। इरफान खान भी इस दौरान छोटे रोल्स के जरिए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे थे।
तिग्मांशु का करियर का बड़ा मोड़ 2003 में आया जब उन्होंने 'हासिल' का निर्देशन किया, जो कॉलेज राजनीति और युवा संघर्ष पर आधारित थी। इस फिल्म में इरफान खान को कास्ट किया गया, और यह फिल्म एक कल्ट क्लासिक बन गई।
तिग्मांशु ने इरफान की अदाकारी की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें एक अनोखी सच्चाई थी। उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स में इरफान को प्राथमिकता दी, जैसे कि 'पान सिंह तोमर', जिसमें इरफान ने एथलीट की भूमिका निभाई और 2012 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते।
इसके बाद, तिग्मांशु ने 'साहेब बीवी और गैंगस्टर', 'बुलेट राजा' और 'मिलन टॉकीज' जैसी सफल फिल्मों का निर्देशन किया। इसके साथ ही, उन्होंने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में रामाधीर सिंह का किरदार निभाकर भी अपनी पहचान बनाई। उनका प्रसिद्ध डायलॉग 'बेटा, तुमसे ना हो पाएगा' आज भी लोगों के बीच चर्चित है।
.png)