तनुश्री शंकर: भारतीय नृत्य की नई पहचान और वैश्विक मंच पर चमक
तनुश्री शंकर का अद्वितीय नृत्य सफर
नई दिल्ली, 15 मार्च। जब बात नृत्य की परंपरा और नवाचार के संतुलन की होती है, तो तनुश्री शंकर का नाम अवश्य लिया जाता है। एक प्रतिष्ठित नृत्यांगना और कोरियोग्राफर, तनुश्री ने भारतीय नृत्य के क्षेत्र में अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने उदय शंकर की 'नया नृत्य' शैली को आगे बढ़ाते हुए एक ऐसी नृत्य कला का विकास किया है, जो शास्त्रीय परंपराओं का सम्मान करती है और आधुनिकता के तत्वों से समृद्ध है।
उनकी नृत्य शैली संगीत को जीवंतता प्रदान करती है और गहरी भावनाओं को व्यक्त करती है, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। तनुश्री ने अपनी मां अमला शंकर के मार्गदर्शन में सात वर्षों तक प्रशिक्षण लिया, जिसमें उन्होंने उदय शंकर की विरासत को गहराई से समझा और उसे अपनी रचनात्मकता से नया रूप दिया। उनका डांस ग्रुप, तनुश्री शंकर डांस कंपनी, जिसमें वह कोरियोग्राफर और कलात्मक निदेशक हैं, ने अब तक 40 से अधिक देशों में प्रदर्शन किया है।
कंपनी ने न्यूयॉर्क के कार्नेगी हॉल, वाशिंगटन डीसी के कैनेडी सेंटर, फ्लोरिडा के एपकोट सेंटर और लंदन के क्वीन एलिजाबेथ हॉल जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया है। तनुश्री ने कई महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए कोरियोग्राफी की है, जिसमें 2002 में भारत में आयोजित कोलकाता कार्निवल की मुख्य कोरियोग्राफर रह चुकी हैं।
साल 2008 में, उन्होंने संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित इंडो-फ्रेंच बैले "पद्मावती" की कोरियोग्राफी पेरिस में की, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कलाकार शामिल थे। एशियाई खेलों, सोवियत संघ में फेस्टिवल ऑफ इंडिया और विल्स वर्ल्ड कप क्रिकेट चैंपियनशिप जैसे बड़े आयोजनों में भी उन्होंने अपनी प्रस्तुतियां दी हैं।
उनके रचनात्मक योगदान के लिए 2011 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो भारत में प्रदर्शन कला का सर्वोच्च सम्मान है। तनुश्री फैशन शो, फिल्मों और कई अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं का भी हिस्सा रही हैं।
वह गोवा में मुंजाल ग्रुप की पहल सेरेंडिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल के पहले संस्करण (2016) में नृत्य प्रस्तुतियों की क्यूरेटर रहीं और इसके बाद भी सक्रिय रहीं।
तनुश्री न केवल एक नृत्यांगना हैं, बल्कि एक अभिनेत्री भी हैं। मीरा नायर की फिल्म "द नेम्सके" और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म "हेमंतीर पालकी" में मुख्य भूमिका निभाकर उन्होंने वैश्विक सिनेमा में अपनी पहचान बनाई है। उनकी कहानी कहने की कला और भावपूर्ण अभिव्यक्ति उन्हें एक अनूठी कलाकार बनाती है।
आज भी, तनुश्री नई पीढ़ी को नृत्य का प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दे रही हैं। उनकी मेहनत, रचनात्मकता और प्रामाणिकता भारतीय नृत्य को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। उनकी कला न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि गहरी भावनाओं को छूती है और नृत्य की शक्ति को प्रमाणित करती है।
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