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गुलशन देवैया: बॉलीवुड का 'चलता-फिरता एनसाइक्लोपीडिया' जो हर किरदार को जीवंत बनाते हैं!

गुलशन देवैया, जिन्हें उनके सह-कलाकार 'चलता-फिरता एनसाइक्लोपीडिया' कहते हैं, ने अपने अद्वितीय अभिनय से बॉलीवुड और ओटीटी में एक खास पहचान बनाई है। बेंगलुरु में जन्मे गुलशन ने फैशन डिजाइनिंग में शिक्षा ली, लेकिन उनका मन हमेशा अभिनय की ओर खिंचता रहा। उन्होंने कई सफल फिल्मों और वेब सीरीज में विविध किरदार निभाए हैं, जो दर्शकों को प्रभावित करते हैं। जानें उनके करियर की खास बातें और उनकी अनोखी भूमिकाएं।
 
गुलशन देवैया: बॉलीवुड का 'चलता-फिरता एनसाइक्लोपीडिया' जो हर किरदार को जीवंत बनाते हैं!

गुलशन देवैया का अद्वितीय अभिनय सफर




मुंबई, 27 मई। बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया में कई कलाकार आते हैं, लेकिन कुछ ही ऐसे होते हैं जो अपने किरदार को पूरी तरह से समझकर उसे जीवंत बना देते हैं। ऐसे ही एक अभिनेता हैं गुलशन देवैया, जिन्हें उनके सह-कलाकार और निर्देशक अक्सर 'चलता-फिरता एनसाइक्लोपीडिया' के नाम से पुकारते हैं। उनकी स्क्रिप्ट, संवाद और दृश्य की गहरी समझ उनकी परफॉर्मेंस में स्पष्ट रूप से झलकती है।


28 मई 1978 को बेंगलुरु में जन्मे गुलशन देवैया का फिल्मी सफर साधारण नहीं रहा। उनका प्रारंभिक जीवन कला और रचनात्मकता से भरा रहा। उन्होंने एनएफटी से फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की और लगभग 10 वर्षों तक फैशन उद्योग में काम किया। इस दौरान उन्होंने न केवल डिजाइनिंग की, बल्कि फैशन शिक्षा भी दी। लेकिन उनका मन हमेशा अभिनय की ओर खिंचता रहा, जिसके चलते उन्होंने बेंगलुरु में इंग्लिश थिएटर से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। थिएटर के शुरुआती दिनों में उन्होंने बैकस्टेज काम और लाइटिंग का भी काम किया, जिससे उन्हें मंच की गहराई से समझ मिली।


गुलशन देवैया ने 2010 में अनुराग कश्यप की फिल्म 'दैट गर्ल इन येलो बूट्स' से बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि, उन्हें असली पहचान 2011 में आई फिल्म 'शैतान' से मिली, जिसमें उन्होंने करण चौधरी 'केसी' का किरदार निभाया। उनकी इस फिल्म में परफॉर्मेंस को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू के लिए नामांकित किया गया।


इसके बाद, गुलशन ने विभिन्न प्रकार के किरदार निभाए। 'हेट स्टोरी' (2012) में उन्होंने एक ग्रे और नकारात्मक किरदार निभाया, जिसने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। 'राम-लीला' (2013) में उन्होंने भवानी का महत्वपूर्ण और नकारात्मक किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने सराहा। 'हंटर' (2015) में उन्होंने मंदार पोंक्षे का किरदार निभाया, जो एक बोल्ड कॉमेडी ड्रामा था, और यहां भी उन्होंने अपने अभिनय से एक अलग छाप छोड़ी।


'मर्द को दर्द नहीं होता' (2018) उनकी खास फिल्मों में से एक रही, जहां उन्होंने डबल रोल निभाया। कराटे मणि और जिमी जैसे दो भिन्न किरदारों को उन्होंने इतनी सहजता से प्रस्तुत किया कि दर्शक हैरान रह गए। इसी तरह 'बधाई दो' (2022) में छोटे लेकिन प्रभावशाली रोल में उन्होंने कहानी को मजबूती प्रदान की। ओटीटी पर 'दहाड़' (2023) में उनका एसएचओ देवीलाल सिंह का किरदार गंभीर था, जिसे दर्शकों और समीक्षकों ने पसंद किया।


गुलशन देवैया ने वेब सीरीज की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई है। 'अफसोस', 'दुरंगा', 'गन्स एंड गुलाब्स' और 'बैड कॉप' जैसी सीरीज में उन्होंने विभिन्न प्रकार के किरदार निभाकर यह साबित किया कि वे हर जॉनर में फिट हो सकते हैं। विशेष रूप से 'गन्स एंड गुलाब्स' में उनका 'फोर कट आत्माराम' किरदार ओटीटी का एक आइकॉनिक रोल बन गया है।


अपने करियर में गुलशन देवैया ने कई पुरस्कार और नामांकन भी प्राप्त किए हैं, जिनमें फिल्मफेयर और स्क्रीन अवार्ड के नॉमिनेशन शामिल हैं।


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