क्या है शकील नूरानी की गिरफ्तारी का सच? जानें यौन उत्पीड़न मामले की पूरी कहानी
शकील नूरानी की गिरफ्तारी
मुंबई, 9 अगस्त। प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक शकील नूरानी को यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें सतारा स्थित एक फार्महाउस से पकड़ा गया और बाद में कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
73 वर्षीय नूरानी को 33 वर्षीय एक अभिनेत्री द्वारा दर्ज कराए गए दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला मालवानी पुलिस द्वारा दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, यह घटना 2016 में हुई थी, लेकिन अब जाकर मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, अभिनेत्री की पहली मुलाकात नूरानी से 2016 में लोखंडवाला में एक पुरस्कार समारोह के दौरान हुई थी। अभिनेत्री का आरोप है कि नूरानी ने उनसे एक आगामी प्रोजेक्ट के बारे में चर्चा की और उन्हें काम के लिए संपर्क करने को कहा।
एफआईआर में महिला ने बताया कि बाद में वह स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए नूरानी के मालवानी स्थित घर गईं। वहां, नूरानी ने उन्हें एक सॉफ्ट ड्रिंक दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं। जब उन्हें होश आया, तो नूरानी ने उन्हें अपने मोबाइल पर एक वीडियो दिखाया और धमकी दी कि अगर उन्होंने पुलिस को सूचित किया या अपने परिवार को बताया, तो वह वीडियो सार्वजनिक कर देंगे।
अभिनेत्री का कहना है कि नूरानी ने उस वीडियो का इस्तेमाल करके उसे धमकाया और कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि यौन संबंधों के बाद उसे बार-बार गर्भनिरोधक गोलियां दी गईं। एफआईआर के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पता चला कि नूरानी सतारा जिले के मेधा क्षेत्र में एक फार्महाउस में थे।
स्थानीय पुलिस की एक टीम ने नूरानी को खोज निकाला और मेधा पुलिस स्टेशन ले गई। इसके बाद, मालवानी पुलिस ने सतारा जाकर उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद, शकील नूरानी को मालवानी पुलिस ने शनिवार को बोरीवली हॉलीडे कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। नूरानी ने 'बड़े दिल वाला' (1999) और 'जोरू का गुलाम' (2000) जैसी फिल्मों का निर्देशन और निर्माण किया है।
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