क्या है विजय देवरकोंडा का दर्द? निगेटिव पीआर और फेक रिव्यू पर खुलकर बोले!
विजय देवरकोंडा का बयान
मुंबई, 11 जनवरी। साउथ इंडस्ट्री के अभिनेता विजय देवरकोंडा, जो हाल ही में 'किंगडम' में नजर आए थे, हमेशा अपनी फिल्मों और निजी जीवन के कारण चर्चा में रहते हैं।
उनकी फिल्म 'किंगडम' ने बॉक्स ऑफिस पर औसत प्रदर्शन किया। अब, अभिनेता ने फिल्म रिलीज से पहले होने वाले निगेटिव पीआर और फेक रिव्यू पर अपनी चिंता व्यक्त की है, यह बताते हुए कि उनकी फिल्म 'डियर कॉमरेड' भी इस समस्या का शिकार हुई थी।
विजय देवरकोंडा ने मेगास्टार चिरंजीवी की आगामी तेलुगु फिल्म 'मना शंकर वर प्रसाद गारू' के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी और दुख साझा किया। उन्हें खुशी है कि अब निर्माता और बड़े सितारे फेक रेटिंग रिव्यू को गंभीरता से ले रहे हैं, लेकिन दुख इस बात का है कि जब उन्होंने इस मुद्दे पर आवाज उठाई थी, तब किसी ने ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने एक्स पर लिखा, "यह देखकर खुशी और दुख दोनों हो रहे हैं। खुशी इस बात की है कि कई लोगों की मेहनत, सपने और पैसा किसी तरह सुरक्षित हो रहे हैं और दुख इस बात का है कि हमारे ही लोग इन समस्याओं की जड़ हैं। जियो और जीने दो के सिद्धांत का क्या हुआ?"
अभिनेता ने आगे कहा, "'डियर कॉमरेड' के समय से ही मैंने संगठित हमलों की भयावह राजनीति को पहली बार देखा। इतने वर्षों तक मेरी आवाज अनसुनी रही। मुझसे कहा गया कि कोई अच्छी फिल्म को रोक नहीं सकता, लेकिन मेरे साथ फिल्म बनाने वाले हर निर्माता और निर्देशक को जल्द ही इस समस्या की गंभीरता का एहसास हो जाता है। मैंने कई रातें यह सोचते हुए बिताई हैं कि किस तरह के लोग ऐसा करते हैं और उनसे कैसे निपटा जाए ताकि मैं अपने सपनों और मेरे जैसे और लोगों के सपनों की रक्षा कर सकूं। मुझे खुशी है कि अब यह मामला सबके सामने आ गया है और अदालत ने भी फिल्मों के लिए खतरे को स्वीकार कर लिया है।"
गौरतलब है कि नयनतारा और चिरंजीवी की फिल्म 'मना शंकर वर प्रसाद गारू' 12 जनवरी को रिलीज होने वाली है। फिल्म की एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है, लेकिन इसी बीच 'बुक माई शो' के इंटरफेस पर फिल्म की समीक्षाएं और रेटिंग को कोर्ट के आदेश के बाद बैन कर दिया गया है। फिल्म निर्माताओं का मानना है कि इससे फिल्म पर निगेटिव असर पड़ता है और लोग बिना फिल्म देखे निगेटिव पीआर करते हैं।
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