क्या है रूपा दत्ता की चोरी के मामले में नया मोड़? जानें पूरी कहानी!
रूपा दत्ता को मिली जमानत
मुंबई, 18 अगस्त। अभिनेत्री रूपा दत्ता को मुंबई के कोलाबा में हुई 1.48 लाख रुपए की चोरी के मामले में राहत मिली है। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी है। अदालत ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं, जिसमें रूपा को सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने और बिना अनुमति देश छोड़ने से रोकने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला मरीन ड्राइव की निवासी डिंपल सिंघवी की शिकायत से जुड़ा है। डिंपल ने बताया कि 12 जुलाई 2026 को बाबुलनाथ मंदिर से कोलाबा की ओर जाते समय उनके पर्स की चोरी हो गई।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि पर्स में कीमती सामान था, जिसमें 1.20 लाख रुपए का डायमंड जड़ित सोने का ब्रेसलेट, 10 हजार रुपए नकद और 15 हजार रुपए के एप्पल एयरपॉड्स शामिल थे। इसके अलावा, पर्स में वॉलेट और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी थे। कुल मिलाकर चोरी का सामान 1.48 लाख रुपए का था। पर्स खोने के बाद डिंपल ने पुलिस से संपर्क किया और कोलाबा पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की, जिसमें रूपा दत्ता को शिकायतकर्ता का पीछा करते हुए देखा गया। इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि रूपा के पास से चोरी की गई कुछ वस्तुएं भी बरामद हुई हैं। हालांकि, मामले में उनके खिलाफ आरोपों पर अदालत का अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।
जमानत की सुनवाई के दौरान रूपा के वकील सुनील पांडे ने अदालत में उनका पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने कहा कि रूपा को गलत तरीके से फंसाया गया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें जमानत देने का निर्णय लिया।
रूपा दत्ता का नाम पहले भी चोरी के एक मामले में आया था। 2022 में कोलकाता पुस्तक मेले के दौरान उन्हें पॉकेटमारी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस समय पुलिस ने उनके पास से कई वॉलेट और 75 हजार रुपए नकद बरामद किए थे।
रूपा दत्ता ने बंगाली और हिंदी फिल्म उद्योग में कई फिल्मों और टीवी शो में काम किया है। उन्होंने 'साथी' जैसी फिल्मों और 'जय मां वैष्णोदेवी' जैसे धार्मिक शो में भी अभिनय किया है। इसके अलावा, वह एक निर्देशक, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी सक्रिय रही हैं।
2020 में, रूपा का नाम फिल्मकार अनुराग कश्यप से जुड़े एक विवाद में भी आया था, जब उन्होंने उन पर आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप लगाया था। हालांकि, बाद में यह स्पष्ट हुआ कि वह किसी अन्य अनुराग से बात कर रही थीं।
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