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क्या है रणवीर बरार की ताजगी की सलाह? जानें 'यस शेफ' के बारे में

सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार अपने नए क्विज शो 'यस शेफ' के प्रमोशन के दौरान खाने की ताजगी और गुणवत्ता पर जोर देते हैं। उन्होंने स्थानीय बाजार से खरीदारी करने की सलाह दी है, जिससे ताजे फल और सब्जियों की गुणवत्ता बनी रहे। रणवीर का मानना है कि ऑनलाइन खरीदारी से ताजगी का अनुभव नहीं मिलता। उनके सुझाव खाद्य सुरक्षा के मुद्दों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण हैं, खासकर जब महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जानें उनके विचार और खाद्य सुरक्षा के उपाय।
 

रणवीर बरार का नया शो 'यस शेफ'

मुंबई, 29 सितंबर। सेलिब्रिटी शेफ और अभिनेता रणवीर बरार अपने नए क्विज शो 'यस शेफ' के कारण चर्चा में हैं। इस शो को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। हाल ही में एक इंटरव्यू में, रणवीर ने घर में खाने की गुणवत्ता और ताजगी बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए।


उन्होंने बताया कि यदि हम चाहते हैं कि हमारी रसोई और खाने की मेज पर ताजगी बनी रहे, तो हमें खुद स्थानीय बाजार जाकर खरीदारी करने की आदत डालनी चाहिए।


अंधेरी वेस्ट में अपने शो के प्रमोशन के दौरान, रणवीर ने कहा कि ताजे फल और सब्जियों की गुणवत्ता के लिए स्थानीय बाजार से खरीदारी करना आवश्यक है। आजकल, 10 मिनट में सामान पहुंचाने वाले ऐप्स ने हमारी खरीदारी की आदतों को काफी बदल दिया है।


रणवीर ने कहा, ''मेरे अनुसार, सबसे पहले आपको स्थानीय बाजार से जाकर खरीदारी करनी चाहिए। यदि हम ताजगी की बात कर रहे हैं, तो यह बेहद जरूरी है। हम सब्जी मंडी जाना लगभग भूल गए हैं। 10 मिनट में सामान पहुंचाने वाले ऐप्स ने सब्जी बाजार से खरीदारी की संस्कृति को बदल दिया है। जब आप ताजे सब्जियों से भरी गाड़ी देखते हैं, तो आपको ताजे खाने की असली कीमत समझ में आती है। भले ही आप ऑनलाइन एक छोटा पैकेट मंगवाएं, लेकिन उसका आनंद नहीं ले पाएंगे।''


उन्होंने आगे कहा, ''जरूरत पड़ने पर त्वरित डिलीवरी ऐप्स का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन रोजाना की आदत के लिए स्थानीय बाजार से ताजे फल और सब्जियां खरीदना बेहतर है। इसके अलावा, यदि हम जरूरत के अनुसार खाना बनाएंगे, तो फ्रिज में बचे हुए खाने की मात्रा कम होगी। इससे न केवल खाना बर्बाद नहीं होगा, बल्कि परिवार के सदस्यों पर उसे जल्दी खत्म करने का दबाव भी कम होगा।''


रणवीर की यह सलाह ऐसे समय में आई है जब खाने की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। महाराष्ट्र में हाल के महीनों में खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाने से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने कई जगह कार्रवाई की है। महाराष्ट्र एफडीए के कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में दूध में मिलावट, सिंथेटिक दूध और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ राज्यभर में जांच और कार्रवाई तेज की गई है। जुलाई में एफडीए ने दूध की सप्लाई चेन के लिए सख्त नियम भी जारी किए थे।


महाराष्ट्र में आर्टिफिशियल या एनालॉग पनीर के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए हैं। 30 जुलाई 2026 के आदेश के तहत, राज्य में नॉन-डेयरी या एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगाई गई है। इसका उद्देश्य ऐसे उत्पादों को असली डेयरी पनीर के नाम पर बेचे जाने से रोकना और ग्राहकों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।


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