क्या है माधुरी दीक्षित की नई फिल्म 'मां बहन' का संदेश? जानें पितृसत्तात्मक सोच पर उनकी राय!
माधुरी दीक्षित की नई फिल्म 'मां बहन' और पितृसत्तात्मक सोच
मुंबई, 6 जून। अभिनेत्री माधुरी दीक्षित अपनी नई ड्रामा क्राइम कॉमेडी फिल्म 'मां बहन' के लिए नेटफ्लिक्स पर काफी उत्साहित हैं। प्रमोशन के दौरान, उन्होंने समाज में महिलाओं और पुरुषों के प्रति भिन्न दृष्टिकोण पर चर्चा की और पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती दी। माधुरी ने कहा कि प्यार और रिश्तों में समाज आज भी दोहरे मानदंडों का पालन करता है।
उन्होंने कहा, “हमारा समाज पितृसत्तात्मक है। यह हमेशा से ऐसा ही रहा है। जब कोई पुरुष गर्लफ्रेंड बनाता है, तो उसे ‘कैसानोवा’ या रोमियो कहा जाता है। वहीं, अगर कोई महिला ऐसा करती है, तो उसे नकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जाता है।”
माधुरी ने बताया कि उनकी फिल्म 'मां बहन' इन पुरानी परंपराओं को चुनौती देती है। फिल्म में दिखाए गए पात्र वास्तविक जीवन की तरह जटिल और असली हैं।
फिल्म में महिलाओं को मजबूत और पारंपरिक नियमों को तोड़ने वाले किरदारों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हर महिला को सम्मान और गरिमा के साथ जीने का अधिकार है।
माधुरी ने कहा, “इस फिल्म में हमने समाज द्वारा बनाए गए हर नियम को तोड़ा है और हमें इसमें मजा भी आया। किरदार जटिल हैं, लेकिन बेहद वास्तविक हैं। आप खुद को उनसे जोड़ पाएंगे।”
फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है, जिसमें माधुरी दीक्षित रेखा नाम की मां का किरदार निभा रही हैं। कहानी रेखा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कई समस्याओं का सामना कर रही होती है। अचानक उसके किचन में एक लाश मिल जाती है। अपनी दो बेटियों, जिम्मेदार जया और बेबाक सुष्मा के साथ, वह इस संकट का सामना करने के लिए तेजी से सोचती है और पड़ोसियों से सच छुपाती है।
फिल्म में माधुरी के साथ तृप्ति डिमरी, धारणा दुर्गा, रवि किशन, गीतांजलि कुलकर्णी, अरुणोदय सिंह और शार्दुल भारद्वाज भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म वर्तमान में नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है।
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