Movie prime

क्या है कोंकणा सेन शर्मा की नई फिल्म 'एक्यूज्ड' का राज? जानें उनकी बेबाक बातें!

कोंकणा सेन शर्मा, जो अपनी बेबाक सोच और दमदार अभिनय के लिए जानी जाती हैं, अपनी नई फिल्म 'एक्यूज्ड' के प्रमोशन के दौरान आत्म-आलोचना और सामाजिक पहचान पर चर्चा करती हैं। उन्होंने बताया कि कैसे बाहरी राय से प्रभावित हुए बिना अपनी आंतरिक दुनिया को मजबूत करना महत्वपूर्ण है। जानें उनकी बेबाक बातें और फिल्म के बारे में अधिक जानकारी।
 
क्या है कोंकणा सेन शर्मा की नई फिल्म 'एक्यूज्ड' का राज? जानें उनकी बेबाक बातें!

कोंकणा सेन शर्मा की बेबाकी और आत्म-आलोचना


मुंबई, 26 मार्च। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा हमेशा अपनी स्पष्ट सोच, प्रभावशाली अभिनय और अनोखी फिल्मों के लिए जानी जाती हैं। वर्तमान में, वह अपनी नई स्ट्रीमिंग फिल्म 'एक्यूज्ड' को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान, कोंकणा ने एक मीडिया चैनल के साथ बातचीत में बताया कि वह अपने प्रति काफी आत्म-आलोचनात्मक रहती हैं और कभी-कभी खुद को आर्टिस्ट कहने में उन्हें अजीब लगता है।


उन्होंने कहा, ''बाहर की दुनिया मुझे जिस नजर से देखती है, मैं खुद को उस नजर से नहीं देख पाती। मुझे अपनी सामाजिक पहचान के बारे में ज्यादा सोचने में दिलचस्पी नहीं है। मैं खुद को एक साधारण इंसान के रूप में देखती हूं, जो लगातार सीखने और खुद को समझने की कोशिश कर रहा है। इसी कारण, कभी-कभी मुझे खुद को आर्टिस्ट कहना थोड़ा बनावटी लगता है।''


जब उनसे पूछा गया कि क्या वह खुद की आलोचना करती हैं, तो कोंकणा ने उत्तर दिया, ''आत्म-आलोचना और आत्मचिंतन से इंसान बेहतर बनता है। यह मान लेना कि हम परफेक्ट हैं, गलत है। खुद से सवाल करना, अपनी गलतियों को पहचानना और समय के साथ अपनी सोच में बदलाव लाना आगे बढ़ने की प्रक्रिया है।''


उन्होंने आगे कहा, ''लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं, इस पर हमारा बहुत कम नियंत्रण होता है। इंसान अपनी छवि को पूरी तरह से नियंत्रित नहीं कर सकता। समाज, मीडिया और दर्शक अपने नजरिए से किसी भी कलाकार की छवि बना लेते हैं। अगर कोई कलाकार हर समय इस बात की चिंता करने लगे कि दुनिया उसे कैसे देख रही है, तो वह खुद से दूर हो जाएगा। बेहतर यही है कि इंसान अपनी आंतरिक दुनिया को मजबूत करे और बाहरी राय को खुद पर हावी न होने दे।''


कोंकणा ने कहा, ''कभी-कभी बनाई गई इमेज को तोड़ना आवश्यक होता है। एक ही तरह की सोच या इमेज में बंधकर रहना कलाकार और इंसान दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए मैं कोशिश करती हूं कि लोगों की राय से ज्यादा अपने अंदर की आवाज पर ध्यान दूं। मेरे लिए मानसिक शांति अधिक महत्वपूर्ण है।''


उनकी नई फिल्म 'एक्यूज्ड' 27 फरवरी से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी।


OTT