क्या है 'काला हिरण' विवाद? अमित जानी ने सलमान खान के नोटिस को किया खारिज!
काला हिरण विवाद में नया मोड़
रामपुर, 4 जून। फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के चारों ओर विवाद गहराता जा रहा है। इसके निर्माता अमित जानी ने सलमान खान की कानूनी टीम से प्राप्त नोटिस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि नोटिस मिलने के बाद से उन्हें 36 घंटों के भीतर हजारों धमकी भरे संदेश मिले हैं।
अमित जानी ने आरोप लगाया कि उन्हें सोशल मीडिया, फोन कॉल, इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्यक्तिगत संदेशों के माध्यम से लगातार डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सलमान खान कानूनी लड़ाई में शामिल होना चाहते हैं, तो उन्हें धमकियों का सहारा नहीं लेना चाहिए।
जानी ने कहा, ''मैंने सलमान खान की लीगल टीम से नोटिस प्राप्त किया है और अब मेरी कानूनी टीम इस पर विचार कर रही है। मुझे लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। 36 घंटों में मुझे 10,000 से अधिक धमकी भरे संदेश मिले हैं।''
उन्होंने सलमान खान के प्रशंसकों और लॉरेंस बिश्नोई के समर्थकों की तुलना करते हुए कहा कि पहले उन्हें सभ्य तरीके से संपर्क किया गया था, जबकि अब उन्हें गालियों और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ संदेश कथित तौर पर डी-कंपनी के नाम से भी भेजे गए हैं। इस सब के चलते उन्होंने सलमान की लीगल टीम द्वारा भेजा गया नोटिस फाड़ दिया।
जानी ने कहा, ''नोटिस को फाड़ना इस बात का संकेत है कि मैं किसी भी तरह के दबाव से नहीं डरता। मुझे भारतीय कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मेरी टीम जल्द ही फिल्म का टीजर जारी करेगी और नोटिस में जिन हिस्सों को हटाने के लिए कहा गया था, उनमें से कोई भी सामग्री नहीं हटाई जाएगी।''
यह विवाद दरअसल फिल्म 'काला हिरण' के इर्द-गिर्द घूमता है, जो 1998 के काला हिरण शिकार मामले पर आधारित है। फिल्म के पोस्टर जारी होने के बाद यह चर्चा शुरू हुई कि इसमें सलमान खान और बिश्नोई समाज से जुड़े विवाद को भी दर्शाया जाएगा। इसके बाद सलमान की कानूनी टीम ने सक्रियता दिखाई और फिल्म से जुड़े लोगों को नोटिस भेजा।
सलमान खान की लीगल टीम का कहना है कि यह फिल्म उनके व्यक्तिगत अधिकारों और छवि को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, काला हिरण शिकार मामला अभी भी राजस्थान हाई कोर्ट में विचाराधीन है, जिससे इस विषय पर फिल्म बनाना और उसका प्रचार करना कानूनी रूप से संवेदनशील हो सकता है। नोटिस में फिल्म के निर्माण और प्रचार पर रोक लगाने की मांग की गई है।
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