क्या है 'आखिरी सवाल' फिल्म का गहरा संदेश? त्रिधा चौधरी ने साझा किए अपने विचार
फिल्म 'आखिरी सवाल' में त्रिधा चौधरी की भूमिका
कोलकाता, 14 मई। अभिनेत्री त्रिधा चौधरी अपनी नई फिल्म 'आखिरी सवाल' में एक महत्वपूर्ण किरदार निभा रही हैं। यह फिल्म राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बाबरी मस्जिद जैसे संवेदनशील मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती है। त्रिधा और समीरा रेड्डी ने इस फिल्म के अनुभव और अपने विचार साझा किए।
त्रिधा चौधरी ने कहा कि यह फिल्म केवल एक प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि एक गहरी भावना का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने बताया, "मैंने इस फिल्म में 'सारा' नाम की छात्रा का किरदार निभाया है। मेरा मानना है कि शिक्षा संस्थान ही भविष्य के नेताओं का निर्माण करते हैं। हर किसी की अपनी विचारधारा होती है, और हम उन पर अडिग विश्वास रखते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि सिनेमा में वह शक्ति है, जो आपको अपनी बात रखने की 'सिनेमाई आजादी' प्रदान करती है। त्रिधा ने पूरी टीम का उल्लेख करते हुए कहा, "इस फिल्म का उद्देश्य समाज को बांटना नहीं, बल्कि लोगों को गंभीर सोच से जोड़ना है। हमने इस फिल्म के माध्यम से यह दर्शाने का प्रयास किया है कि विचारधारा किसी भी व्यक्ति के जीवन में कितनी महत्वपूर्ण होती है।"
समीरा रेड्डी इस फिल्म के जरिए लंबे समय बाद स्क्रीन पर लौट रही हैं। उन्होंने 'आखिरी सवाल' में एक वामपंथी विचारधारा वाली महिला का किरदार निभाया है, जो कहानी में मौजूद चुनौतियों का सामना करती है।
समीरा ने कोलकाता में आकर खुशी व्यक्त की और कहा, "मैं यहां सभी का दिल से धन्यवाद करना चाहती हूं। सिटी ऑफ जॉय में वापस आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। मिथुन दा को 20 साल बाद देखकर मैं बेहद खुश हूं। यह एक ऐसा पल है, जिसके लिए मैं सच में उत्साहित थी।"
उन्होंने अपने किरदार 'डॉ. पल्लवी' के बारे में बताया कि वह अलगाववादी विचारधारा की है। समीरा ने कहा, "यह एक ऐसा पात्र है, जो समाज में दबे हुए सवालों को उठाता है और लोगों के बीच हलचल पैदा करता है। एक महिला कलाकार के रूप में इस तरह का सशक्त और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाना मेरे लिए बहुत मजेदार था।"
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