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क्या है अभिजीत वघानी का नजरिया: कमर्शियल और इंडी म्यूजिक में क्या है अंतर?

अभिजीत वघानी, एक प्रसिद्ध भारतीय संगीतकार, ने हाल ही में कमर्शियल और इंडी म्यूजिक के बीच के अंतर पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि फिल्मी गाने बनाते समय रचनात्मक सीमाएं होती हैं, जबकि स्वतंत्र संगीत में कलाकार को अधिक स्वतंत्रता मिलती है। अभिजीत ने अपने अनुभवों के आधार पर बताया कि कैसे फिल्मी गानों की संरचना और विषयों की समझ विकसित होती है। जानें उनके विचार और संगीत यात्रा के बारे में।
 

अभिजीत वघानी का संगीत सफर


मुंबई, 24 जुलाई। भारतीय संगीतकार और निर्माता अभिजीत वघानी ने बॉलीवुड में अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। हाल ही में, उन्होंने एक बातचीत में मेनस्ट्रीम कमर्शियल म्यूजिक और स्वतंत्र संगीत के बीच के अंतर पर चर्चा की।


अभिजीत ने बताया कि फिल्मी गाने बनाते समय कई रचनात्मक सीमाओं का ध्यान रखना पड़ता है, जबकि स्वतंत्र संगीत में कलाकार को अधिक स्वतंत्रता मिलती है।


जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें इंडी म्यूजिक में काम करना ज्यादा रोमांचक लगता है या कमर्शियल म्यूजिक में, तो उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से कलाकार की सोच और पसंद पर निर्भर करता है। फिल्मों में गाने को कहानी और किरदार के अनुसार बनाना होता है, जबकि इंडी म्यूजिक में आप अपनी पसंद के विषय और परिस्थितियों का चयन कर सकते हैं।"


उन्होंने फिल्मी गानों की संरचना के बारे में बताया कि आमतौर पर फिल्मों में इमोशनल, प्यार, पार्टी, शादी और यात्रा पर आधारित गाने होते हैं। उनका कहना था, "जब आप इस इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करते हैं, तो इन गानों की समझ विकसित हो जाती है।"


अभिजीत ने उदाहरण देते हुए कहा, "अगर कोई कहता है कि यह एक ट्रैवल सॉन्ग है, तो मुझे तुरंत समझ आ जाता है कि किस तरह का गाना बनाना है। वहीं, अगर कोई इंडी कलाकार कहता है कि वह पहाड़ों पर आधारित गाना बनाना चाहता है, तो मैं समझ जाता हूं कि वह भी एक ट्रैवल सॉन्ग की बात कर रहा है।"


अभिजीत वघानी ने 'डिशूम', 'की एंड का', 'एयरलिफ्ट' और 'बजरंगी भाईजान' जैसी 90 से अधिक फिल्मों में संगीत और बैकग्राउंड स्कोर में योगदान दिया है।


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