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क्या संग्राम सिंह की अपील से बदलेंगे हम अपने खान-पान के तरीके?

भारतीय पहलवान संग्राम सिंह ने मुंबई में एक इवेंट में रासायनिक कीटनाशकों के स्वास्थ्य पर प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने ऑर्गेनिक खेती और शुद्ध भोजन के महत्व पर जोर दिया, यह बताते हुए कि आज की तेज़-तर्रार जीवनशैली में लोग प्राकृतिक खाद्य पदार्थों से दूर हो गए हैं। संग्राम ने संतुलित आहार की आवश्यकता और आगामी अंतरराष्ट्रीय एमएमए मुकाबले के बारे में भी जानकारी दी। जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर उनके विचार और शैलेश जारिया की राय।
 
क्या संग्राम सिंह की अपील से बदलेंगे हम अपने खान-पान के तरीके?

संग्राम सिंह का स्वास्थ्य पर रासायनिक कीटनाशकों का प्रभाव


मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान, भारतीय पहलवान और अभिनेता संग्राम सिंह ने रासायनिक कीटनाशकों और मिलावटी खाद्य पदार्थों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की। इस इवेंट में गुजरात के किसान और व्यवसायी शैलेश जारिया भी शामिल हुए, जिन्होंने ऑर्गेनिक खेती और शुद्ध आहार को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


संग्राम सिंह ने ऑर्गेनिक भोजन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आजकल की तेज़-तर्रार शहरी जीवनशैली में लोग प्राकृतिक और ताजे खाद्य पदार्थों से दूर हो गए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि बचपन में लोग सीधे पेड़ से फल तोड़कर खाते थे और ताजा सब्जियां खेतों से लाते थे, लेकिन अब यह प्रथा काफी हद तक समाप्त हो चुकी है।


उन्होंने फिटनेस और स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ताजे और ऑर्गेनिक फल-सब्जियां शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती हैं। इससे न केवल शारीरिक शक्ति में वृद्धि होती है, बल्कि यह बीमारियों से भी बचाता है। संग्राम ने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने भोजन में प्राकृतिक और शुद्ध सामग्री को शामिल करें।


इस अवसर पर, संग्राम ने यह भी बताया कि वह जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय एमएमए प्रतियोगिता में भाग लेने वाले हैं। वह 5 अप्रैल को अर्जेंटीना में 'समुराई फाइट लीग' के तहत एक फ्रांसीसी फाइटर के खिलाफ मुकाबला करेंगे।


शैलेश जारिया ने कहा कि बाजार में उपलब्ध अधिकांश फल और सब्जियां अत्यधिक रासायनिक कीटनाशकों के कारण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो रही हैं। उन्होंने बताया कि कैंसर, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि का एक बड़ा कारण हानिकारक खान-पान और रासायनिक युक्त भोजन है।


जारिया ने पारंपरिक और ऑर्गेनिक खेती के फायदों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बजाय प्राकृतिक और जैविक खाद का उपयोग करें, तो मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और उपभोक्ताओं को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिल सकेगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ऑर्गेनिक खेती की ओर बढ़ें ताकि आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।


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