क्या शादी में गाना गाना सिंगर्स की गरिमा को कम करता है? हरिहरन ने साझा की अपनी राय
संगीत और शादियों का संबंध
मुंबई, 20 फरवरी। भारतीय संगीत उद्योग में जब भी शादी या निजी समारोहों में गायकों के प्रदर्शन की चर्चा होती है, तो यह एक विवाद का विषय बन जाता है। कुछ लोग इसे कलाकार की लोकप्रियता और उनके प्रशंसकों के प्रति प्रेम का प्रतीक मानते हैं, जबकि अन्य का मानना है कि इससे सिंगर की प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
समय के साथ, शादियाँ बड़े आयोजनों में बदल गई हैं, जहाँ बॉलीवुड के गायकों का प्रदर्शन सामान्य हो गया है। इसी विषय पर प्रसिद्ध गायक हरिहरन ने अपनी राय साझा की।
हरिहरन ने कहा, "मैं विभिन्न प्रकार के कॉन्सर्ट करता हूँ और अपने काम के प्रति खुला दृष्टिकोण रखता हूँ, लेकिन जब मैं गाता हूँ, तो मुझे अनुशासन और एक सम्मानजनक माहौल की आवश्यकता होती है। मेरा मानना है कि संगीत एक भावना है, जिसे सही वातावरण में ही पूरी तरह से अनुभव किया जा सकता है।"
उन्होंने आगे कहा, "गाने का असली उद्देश्य लोगों में खुशी फैलाना है। यदि किसी भी परिस्थिति में, चाहे वह बड़ा मंच हो या निजी समारोह, सही माहौल बना रहे और लोग संगीत का आनंद ले सकें, तो मुझे शादियों में गाने में कोई समस्या नहीं है। मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि मैं भी उस माहौल में शांत और सहज महसूस करूँ। कलाकार की मानसिक स्थिति उसके प्रदर्शन पर सीधा प्रभाव डालती है। इसलिए जब मैं खुद को शांत महसूस करूँगा, तभी मैं बेहतरीन प्रदर्शन कर पाऊँगा।"
यह ध्यान देने योग्य है कि सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य ने एक सिंगिंग रियलिटी शो 'सुपरस्टार सिंगर 3' में कहा था कि जो सिंगर्स शादी में गाते हैं, उनकी औकात कम हो जाती है। इस पर नेहा कक्कड़ ने अपनी राय रखते हुए कहा कि किसी काम को बड़ा या छोटा नहीं समझना चाहिए। मेहनत से किया गया हर काम सम्मान का हकदार होता है।
नेहा ने कहा, "जब प्रशंसक किसी सिंगर को अपनी शादी में बुलाते हैं, तो यह कलाकार के लिए प्यार और सम्मान की बात होती है।"
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