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क्या वाशु भगनानी और डेविड धवन का विवाद बना मजाक का कारण? जानें फराह खान के घर की मस्ती!

बॉलीवुड में वाशु भगनानी और डेविड धवन के बीच चल रहे कानूनी विवाद ने हाल ही में एक मजेदार मोड़ लिया। फराह खान के घर पर वरुण धवन और डेविड धवन के बीच हुई बातचीत ने सबका ध्यान खींचा। जानें इस मजेदार बातचीत में क्या हुआ और विवाद की असली वजह क्या है।
 
क्या वाशु भगनानी और डेविड धवन का विवाद बना मजाक का कारण? जानें फराह खान के घर की मस्ती!

बॉलीवुड में चल रहा विवाद और मजेदार बातचीत




मुंबई, 5 जून। इन दिनों बॉलीवुड में निर्माता वाशु भगनानी और निर्देशक डेविड धवन के बीच चल रहे कानूनी विवाद ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं। इसी बीच, कोरियोग्राफर और निर्देशक फराह खान के घर हुई एक मजेदार बातचीत ने इस मामले को फिर से चर्चा में ला दिया।


अभिनेता वरुण धवन और उनके पिता, निर्देशक डेविड धवन, फराह खान के घर पहुंचे। इस दौरान हंसी-मजाक के बीच वाशु भगनानी का नाम भी लिया गया।


फराह के घर में पहले डेविड धवन आए, और थोड़ी देर बाद वरुण धवन भी पहुंचे। वरुण उनके हाउस हेल्प और सोशल मीडिया स्टार दिलीप के लिए गिफ्ट लेकर आए थे।


जैसे ही वरुण ने फराह के घर में प्रवेश किया, उन्होंने मजाक में कहा, 'यह घर तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के घर से भी बेहतर है। मेरे पास दिलीप के लिए कुछ खास है।'


फराह ने वरुण से पूछा, 'तुम मेरे लिए कुछ नहीं लाए, और इतनी देर से क्यों आए?' इस पर वरुण ने जवाब दिया, 'आप यह मत पूछो कि मुझे देर क्यों हुई?' फिर फराह ने चुटकी लेते हुए पूछा, 'क्या तुम वाशु जी से मिलने गए थे?' इस पर सभी हंस पड़े, और वरुण ने भी उसी अंदाज में कहा कि वह वही मामला संभालने गए थे।


यह विवाद वाशु भगनानी और डेविड धवन के बीच म्यूजिक राइट्स को लेकर है, जिसमें कानूनी लड़ाई चल रही है। वाशु भगनानी ने टिप्स इंडस्ट्रीज और उससे जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ अदालत में मामला दायर किया है। उनका आरोप है कि उनकी फिल्मों से जुड़ी रचनात्मक अधिकारों का इस्तेमाल बिना अनुमति किया गया। इस विवाद में उनकी चर्चित फिल्म 'बीवी नंबर 1' का नाम भी शामिल है।


वाशु भगनानी का कहना है कि किसी भी निर्माता की रचना और मेहनत उसकी पहचान होती है, और इसका इस्तेमाल बिना इजाजत नहीं होना चाहिए।


इस पूरे मामले पर वाशु भगनानी ने 23 मई को एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। उन्होंने बताया कि यह मामला पैसे से ज्यादा सिद्धांतों और नैतिकता का है। फिल्म इंडस्ट्री रिश्तों और भरोसे पर चलती है, लेकिन जब भरोसा टूटता है तो दुख ज्यादा होता है। एक निर्माता अपनी फिल्म में केवल पैसा ही नहीं, बल्कि अपनी भावनाएं और वर्षों की मेहनत भी लगाता है।


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