क्या मनीषा कोइराला ने अपने फिटनेस सफर में रोकर किया संघर्ष? जानें उनकी प्रेरणादायक कहानी!
मनीषा कोइराला का फिटनेस सफर
मुंबई, 29 जुलाई। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने हाल ही में अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा आया जब उनकी कड़ी मेहनत, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के बावजूद उनके शरीर में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं आ रहा था। इस निराशा के चलते वह इतनी भावुक हो गईं कि उन्हें रोना पड़ा।
मनीषा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह विभिन्न प्रकार के व्यायाम करती नजर आ रही हैं। इसके साथ ही, उन्होंने अपने फिटनेस सफर के दौरान खाए गए पौष्टिक भोजन की तस्वीरें भी साझा कीं।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ''कई लोग सोच सकते हैं कि मैं बार-बार व्यायाम से संबंधित पोस्ट साझा कर रही हूं, लेकिन मेरे लिए ये केवल जिम या कसरत के बारे में नहीं हैं, बल्कि यह मेरी जिंदगी और स्वास्थ्य को फिर से संवारने की कहानी है।''
अभिनेत्री ने आगे कहा, ''मेरी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए और मैं उन परिस्थितियों से जूझने में इतनी व्यस्त हो गई कि धीरे-धीरे अपनी सेहत का ध्यान रखना कम कर दिया। यह सब एक दिन में नहीं हुआ। धीरे-धीरे मेरी दिनचर्या बिगड़ती चली गई। कभी नींद कम होने लगी, कभी तनाव बढ़ गया और रोजमर्रा की अच्छी आदतें छूटती चली गईं। फिर एक दिन एहसास हुआ कि मेरा शरीर पहले जैसा नहीं रहा।''
उन्होंने कहा, ''इसके बाद मैंने खुद से एक वादा किया कि अगली फिल्म शुरू करने से पहले मैं अपनी सेहत को प्राथमिकता दूंगी। मुझे लगा कि अगर मैं पूरी मेहनत करूंगी तो सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन मेरा शरीर कुछ और ही संकेत दे रहा था।''
मनीषा ने बताया, ''मैंने अच्छा खाना खाया, नियमित रूप से व्यायाम किया, खाने की हर कैलोरी का ध्यान रखा, शरीर को आवश्यक प्रोटीन भी दिया और फिटनेस से जुड़ी हर सलाह का पालन किया। इसके बावजूद जब मैं रोज वजन मापती तो मुझे कोई बदलाव नजर नहीं आता था।''
उन्होंने कहा, ''एक दिन मुझे लगा कि शायद वजन मापने वाली मशीन ही खराब है, इसलिए मैंने नई मशीन खरीद ली। लेकिन नई मशीन ने भी वही नतीजा दिखाया। आज उस बात को याद करके मुझे हंसी आती है, लेकिन उस समय मैं बेहद परेशान थी। मैं इतनी हताश हो गई थी कि रो पड़ीं और बार-बार यही सोचती रही कि आखिर मेरा शरीर मेहनत का जवाब क्यों नहीं दे रहा है।''
मनीषा ने बताया, ''बाद में मेरी मुलाकात कुछ अच्छे डॉक्टरों और विशेषज्ञों से हुई, जिन्होंने मुझे समझाया कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर में बदलाव आना स्वाभाविक है। कई साल पहले जैसा शरीर हमेशा नहीं रह सकता। ऐसे में शरीर को सजा देने या जरूरत से ज्यादा दबाव डालने की नहीं, बल्कि उसे समझने और उसकी जरूरतों के अनुसार चलने की आवश्यकता होती है।''
उन्होंने कहा, ''इसके बाद मैंने अपनी सोच और तरीका दोनों बदल दिए। सिर्फ ज्यादा मेहनत करने के बजाय मैंने अपने शरीर की जरूरतों को समझना शुरू किया और यही बदलाव मेरे लिए सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।''
मनीषा ने कहा, ''लगातार चार महीने तक सही तरीके से मेहनत करने के बाद अब मुझे धीरे-धीरे अच्छे नतीजे दिखाई देने लगे हैं। हालांकि मैं अभी भी अपने तय लक्ष्य तक नहीं पहुंची हूं, लेकिन अब मैं पहले से कहीं ज्यादा मजबूत, स्वस्थ और उम्मीद से भरी हुई महसूस करती हूं।''
उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में कहा, ''अगर मेरे पोस्ट पर इन दिनों लगातार व्यायाम, पौष्टिक भोजन, हेल्दी डिश और ट्रेनर के साथ अभ्यास की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं, तो यह दिखावे की बात नहीं, बल्कि खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से ठीक करने की एक प्रक्रिया है।''
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