क्या फिल्में हैं चेनसॉ हमले की जिम्मेदार? संदीप रेड्डी वांगा ने उठाया सवाल
चेनसॉ हमले पर फिल्ममेकर का बयान
नई दिल्ली, 4 नवंबर। आंध्र प्रदेश के एक स्कूल में एक छात्रा पर चेनसॉ से हुए हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर फिल्मों में दिखाई जाने वाली हिंसा पर बहस छिड़ गई है। इसी संदर्भ में, फिल्म निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने उन लोगों पर निशाना साधा है जो इस घटना के लिए सिनेमा को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की दुखद घटनाओं के बाद सबसे पहले पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करनी चाहिए, न कि सिनेमा को दोषी ठहराने का प्रयास करना चाहिए।
संदीप रेड्डी वांगा ने अपने विचार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए।
उन्होंने लिखा, ''जब कोई व्यक्ति जघन्य अपराध करता है, तो हमारी प्राथमिक प्रतिक्रिया पीड़ितों के प्रति संवेदना जताने और समस्या की गहराई को समझने की होनी चाहिए। सिनेमा को आसान निशाना बनाकर बलि का बकरा नहीं ढूंढना चाहिए। अब यह स्पष्ट हो रहा है कि आपकी चिंता पीड़ितों या उनके परिवारों के लिए नहीं है, बल्कि आप इस भयानक घटना का उपयोग अपने निजी लाभ के लिए कर रहे हैं।''
वांगा ने फिल्म इंडस्ट्री के कुछ सदस्यों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ''कुछ कलाकार और फिल्म निर्माता ऐसी घटनाओं का उपयोग दूसरों के काम पर निशाना साधने के लिए करते हैं और मौके पर खुद को समाज सुधारक घोषित कर देते हैं। किसी त्रासदी के समय संवेदना दिखानी चाहिए, उसका फायदा नहीं उठाना चाहिए। दोनों के बीच का फर्क समझिए।''
यह मामला आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के राप्टाडु स्थित एक स्कूल में चेनसॉ से हुए हमले के बाद चर्चा में आया है। जानकारी के अनुसार, 21 वर्षीय हेमंत ने कक्षा 10 की पढ़ाई के दौरान क्लासरूम में घुसकर 15 वर्षीय छात्रा पर चेनसॉ से हमला किया। इस दौरान लक्ष्मी नाम की एक अन्य छात्रा भी घायल हो गई, जो अपनी सहपाठी को बचाने की कोशिश कर रही थी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी पीड़िता का रिश्तेदार है। आरोप है कि वह लंबे समय से छात्रा का पीछा कर रहा था और उसके प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद उसने हमला किया।
घटना के बाद इलाके में गुस्सा है और सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर कई प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ यूजर्स ने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्मों में दिखाई गई हिंसा पर सवाल उठाए हैं, खासकर उनकी फिल्म 'एनिमल' के एक सीन की चर्चा होने लगी है, जिसमें रणबीर कपूर बंदूक लेकर स्कूल की क्लास में प्रवेश करते हैं।
इस घटना के बाद इस सीन को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है कि फिल्मों में हिंसक सीन का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है।
फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने भी इस बहस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने फिल्मों को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराने की सोच पर सवाल उठाते हुए लिखा, ''हिंसा बढ़ने के लिए फिल्मों को दोष देना ऐसा ही है, जैसे अपहरण की घटनाएं बढ़ने के लिए रामायण को दोष देना।''
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