क्या पान मसाला विज्ञापनों में शामिल होना है सितारों की जिम्मेदारी? मुकेश खन्ना ने उठाया सवाल!
मुकेश खन्ना का विवादास्पद बयान
प्रसिद्ध धारावाहिक 'शक्तिमान' और 'महाभारत' के अभिनेता मुकेश खन्ना एक बार फिर अपने बयान के कारण चर्चा में हैं। उन्होंने पान मसाला विज्ञापनों के संदर्भ में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा भेजे गए नोटिस का समर्थन किया है। खन्ना का मानना है कि इन सितारों को इस प्रकार के विज्ञापनों के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर खन्ना की प्रतिक्रिया
खन्ना ने अपने सोशल मीडिया वीडियो में उन सितारों पर सवाल उठाए जो पान मसाला विज्ञापनों में दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि ये कलाकार 'केसरिया आदाब' करते हुए नजर आते हैं, जो कि विज्ञापनों के प्रचार का एक हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि सरकार और FDA ने इन कलाकारों को नोटिस भेजा है, लेकिन यह भी तंज किया कि सरकार को उनकी बात समझने में समय लगता है।
कलाकारों की जिम्मेदारी पर खन्ना की राय
खन्ना ने अपने वीडियो में पान मसाला विज्ञापनों पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 'केसरिया' रंग का अर्थ साहस और पराक्रम है, न कि गुटखा खाने के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई लोकप्रिय कलाकार ऐसे विज्ञापनों में शामिल होता है, तो यह और भी चिंताजनक होता है।
उन्होंने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ का नाम लेते हुए कहा कि FDA की कार्रवाई के बाद इन सितारों को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। खन्ना का मानना है कि कलाकारों की जिम्मेदारी केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके विज्ञापनों का प्रभाव समाज, विशेषकर युवाओं पर पड़ता है।
विवाद का नया मोड़
पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के विज्ञापनों में फिल्मी सितारों की भागीदारी हमेशा से विवाद का विषय रही है। खन्ना की टिप्पणी ने इस बहस को फिर से जीवित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कलाकारों को अपनी लोकप्रियता और सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए विज्ञापनों का चयन करना चाहिए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि FDA के नोटिस के बाद संबंधित कलाकार क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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