क्या नारी शक्ति वंदन अधिनियम से बदल जाएगी महिलाओं की राजनीतिक स्थिति? जानें क्या कहती हैं बॉलीवुड की अभिनेत्रियाँ!
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बॉलीवुड की अभिनेत्रियों की प्रतिक्रियाएँ
दिल्ली, 14 अप्रैल। मनोरंजन उद्योग की कई प्रमुख अभिनेत्रियों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति अपनी खुशी व्यक्त की है, इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कंगना रनौत ने इस ऐतिहासिक बिल को 'ऐतिहासिक' करार देते हुए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। कंगना ने कहा, "यह बिल महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और उन्हें राजनीति में समान अवसर प्रदान करेगा। हमें गर्व है कि हम इस ऐतिहासिक परिवर्तन का हिस्सा बन रहे हैं।"
विपक्ष की आलोचना पर कंगना ने कहा कि यह सब पीएम मोदी की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा, "विपक्ष ने हमेशा इस बिल को रोकने की कोशिश की है, इसलिए यह कोई आश्चर्य नहीं है कि वे इसमें बाधा डालने की कोशिश करेंगे।"
अमीषा पटेल ने भी इस बिल का समर्थन किया, यह कहते हुए कि महिलाएं आम लोगों की समस्याओं को बेहतर समझती हैं। उन्होंने कहा, "महिलाओं की आवाज सुनना देश की प्रगति के लिए आवश्यक है। जब महिलाओं को अवसर मिलते हैं, तो यह समाज के लिए सकारात्मक होता है। 33 प्रतिशत आरक्षण होना चाहिए। मैं इसका समर्थन करती हूं।"
फेमिना मिस इंडिया हरियाणा की विजेता देबास्मित ने भी इस बिल को महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने कहा, "हमारे वेदों में महिलाओं को समाज का अभिन्न हिस्सा माना गया है। यह आरक्षण विधेयक न केवल महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएगा, बल्कि संसद को भी अधिक समावेशी बनाएगा।"
उन्होंने समावेशिता पर जोर देते हुए कहा, "चाहे आदिवासी महिलाएं हों या अन्य, सभी की आवाज़ को महत्व दिया जाना चाहिए। यह हमारे देश के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।"
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