क्या डायना पेंटी ने बताया कि कैसे निजी रिश्ते अभिनय को प्रभावित करते हैं?
डायना पेंटी का अभिनय और प्रोफेशनलिज्म पर जोर
मुंबई, 4 जनवरी। फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों को अपने किरदार में ढलने के साथ-साथ व्यक्तिगत भावनाओं को भी दरकिनार करना पड़ता है। एक सफल अभिनेता वही होता है जो सह-कलाकारों के साथ अपने निजी संबंधों को किनारे रखकर, कैमरे के सामने पूरी मेहनत और ईमानदारी से अपने किरदार को निभा सके। इसी विषय पर अभिनेत्री डायना पेंटी ने हाल ही में एक बातचीत में अपने विचार साझा किए।
अपनी नई स्ट्रीमिंग सीरीज 'डू यू वाना पार्टनर' के प्रमोशन के दौरान, उन्होंने अभिनय, प्रोफेशनलिज्म और सह-कलाकारों के साथ काम करने के अनुभव पर चर्चा की।
डायना ने कहा, ''एक अच्छे अभिनेता के लिए यह आवश्यक है कि वह अपने व्यक्तिगत रिश्तों को अपने काम पर हावी न होने दे। चाहे आप किसी सह-कलाकार के साथ कितने भी अच्छे दोस्त हों, स्क्रीन पर जो दिखता है, वह पूरी तरह से किरदार की मांग पर निर्भर होना चाहिए।''
उन्होंने आगे कहा, "इस शो में मेरी सह-कलाकार तमन्ना भाटिया हैं, और उनके साथ काम करने का अनुभव बहुत अच्छा रहा। सेट पर हमारी बॉन्डिंग शानदार थी, लेकिन असली चुनौती यह होती है कि अभिनेता अपने व्यक्तिगत संबंधों से अलग रहकर अपने किरदार को कितनी सच्चाई से निभा पाता है।"
डायना ने कहा, ''मैं इस शो के लिए खुद को भाग्यशाली मानती हूं, क्योंकि तमन्ना के साथ मेरी दोस्ती स्वाभाविक रूप से विकसित हुई। सेट पर माहौल बहुत सहज और सकारात्मक था, जिससे काम करना आसान हो गया। जब आपका रिश्ता ऑफ-स्क्रीन मजबूत होता है, तो वह ऑन-स्क्रीन भी दिखाई देता है।''
तमन्ना के साथ अपनी केमिस्ट्री पर बात करते हुए डायना ने कहा, ''हम दोनों को एक-दूसरे के साथ तालमेल बैठाने में कोई कठिनाई नहीं हुई। हमने कई सीन में साथ काम किया और नए एक्सप्रेशन भी जोड़े। जब कलाकार एक-दूसरे के साथ सहज होते हैं, तो इम्प्रोवाइज करने की आजादी मिलती है, जो कहानी को और बेहतर बनाती है।''
उन्होंने कहा, ''हम दोनों एक-दूसरे के साथ इतने कंफर्टेबल थे कि बिना किसी झिझक के अपनी राय रख सकते थे। हमारे बीच कोई औपचारिकता नहीं थी, जिससे हम खुलकर बात कर सकते थे। ऐसा माहौल हर प्रोजेक्ट में नहीं मिलता, और जब मिलता है, तो कलाकारों के काम में इसका स्पष्ट असर दिखता है।''
डायना ने अंत में कहा, ''कलाकारों की अच्छी बॉन्डिंग काम को आसान बनाती है, लेकिन एक अभिनेता को हमेशा प्रोफेशनल रहना चाहिए। व्यक्तिगत रिश्ते कभी भी किरदार से बड़े नहीं होने चाहिए। अभिनय एक ऐसी कला है जिसमें अनुशासन और आत्म-नियंत्रण बहुत महत्वपूर्ण हैं।''
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