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क्या आप जानते हैं सुष्मिता सेन के मिस यूनिवर्स बनने की कहानी? जानें 32 साल बाद उनका क्या कहना है!

सुष्मिता सेन ने 21 मई को मिस यूनिवर्स का ताज जीतने के 32 साल पूरे किए। इस अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी मुस्कान और खुशकिस्मती का जिक्र करते हुए कहा कि यह सब उनके फैंस की वजह से है। सुष्मिता ने 1994 में मिस इंडिया का खिताब जीता और फिर मिस यूनिवर्स बनीं। उनके अभिनय करियर की शुरुआत महेश भट्ट की फिल्म 'दस्तक' से हुई, लेकिन उन्हें असली पहचान 'बीवी नंबर 1' से मिली। जानें इस खास मौके पर उन्होंने और क्या कहा।
 
क्या आप जानते हैं सुष्मिता सेन के मिस यूनिवर्स बनने की कहानी? जानें 32 साल बाद उनका क्या कहना है!

सुष्मिता सेन का ऐतिहासिक पल


मुंबई, 21 मई। अभिनेत्री सुष्मिता सेन ने 21 मई को मिस यूनिवर्स का प्रतिष्ठित ताज अपने नाम कर भारत को गर्वित किया था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को आज 32 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस खास अवसर पर, सुष्मिता ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया।


उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह विमान की ओर जाते हुए अपनी प्रसिद्ध मुस्कान के साथ नजर आ रही हैं।


तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, "मेरे चेहरे पर पिछले 32 वर्षों से जो मुस्कान है, उसके लिए मैं दिल से आभारी हूं। मुझे यह एहसास है कि मैं कितनी खुशकिस्मत और आशीर्वादित हूं। यह खुशी आप सभी की वजह से है। मेरे मिस यूनिवर्स बनने के 32 साल पूरे होने पर शुभकामनाएं। फिलीपींस, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं और वहां से मिला प्यार हमेशा मेरे दिल में खास रहेगा। आप सभी को मैं दिल से बहुत प्यार करती हूं।"


गौरतलब है कि सुष्मिता ने 1994 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में भाग लिया था, जहां ऐश्वर्या राय भी एक प्रमुख प्रतियोगी थीं। सुष्मिता ने मिस इंडिया का ताज जीता और उन्हें मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता के लिए भेजा गया, जबकि ऐश्वर्या को मिस वर्ल्ड के लिए। संयोग से, दोनों ने अपने-अपने खिताब जीते।


सुष्मिता ने फिलीपींस में आयोजित मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 77 देशों की प्रतियोगियों को पीछे छोड़ते हुए यह खिताब अपने नाम किया। इसके बाद, उन्होंने महेश भट्ट की फिल्म 'दस्तक' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। हालांकि, उन्हें डेविड धवन की कॉमेडी फिल्म 'बीवी नंबर 1' (1999) से बड़ी पहचान मिली, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। इसके बाद उन्होंने 'आंखें' (2002), 'मैं हूं ना' (2004) और 'मैंने प्यार क्यों किया' (2005) जैसी सफल फिल्मों में काम किया।


हालांकि सुष्मिता ने कम फिल्मों में काम किया है, लेकिन जब भी वह स्क्रीन पर आती हैं, अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में एक गहरी छाप छोड़ती हैं।


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