क्या आप जानते हैं ए. आर. रहमान की गोल्डन ग्लोब जीतने की कहानी?
ए. आर. रहमान का गोल्डन ग्लोब सफर
मुंबई, 11 जनवरी। भारतीय संगीत के इतिहास में 11 जनवरी 2009 का दिन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस दिन, मशहूर संगीतकार ए. आर. रहमान ने गोल्डन ग्लोब अवार्ड जीतकर अपनी प्रतिभा को एक बार फिर साबित किया। यह उनके लिए गर्व का क्षण था, क्योंकि वह इस सम्मान को प्राप्त करने वाले पहले भारतीय संगीतकार बने। रहमान की संगीत यात्रा प्रेरणादायक रही है, जिसने उन्हें न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पहचान दिलाई।
अल्लाह-रक्खा रहमान का जन्म 6 जनवरी 1967 को तमिलनाडु के चेन्नई में हुआ। उनके पिता का निधन बचपन में ही हो गया, लेकिन संगीत के प्रति उनकी गहरी रुचि ने उन्हें कभी हार नहीं मानने दिया। उन्होंने छोटी उम्र में ही संगीत की शिक्षा लेना शुरू किया, और उनके माता-पिता ने उनकी कला को प्रोत्साहित किया। रहमान ने कीबोर्ड और पियानो में महारत हासिल की।
रहमान ने अपने करियर की शुरुआत फिल्मों के लिए संगीत देने से की। 1992 में उनकी पहली बड़ी हिट फिल्म 'रोजा' आई, जिसने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। इस फिल्म के गाने न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर भी लोकप्रिय हुए। इसके बाद उनकी मेहनत और प्रतिभा ने उन्हें लगातार सफलता दिलाई।
ए. आर. रहमान एक प्रतिभाशाली गायक भी हैं। उन्होंने कई फिल्मों में अपनी आवाज दी और कई गाने खुद गाए। उनकी अनोखी शैली ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई। उन्होंने बॉलीवुड और तमिल सिनेमा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में भी काम किया। 'दिल से', 'लगान', 'स्वदेश', और 'जोधा अकबर' जैसी फिल्मों के लिए उनके संगीत को आज भी सराहा जाता है।
उनकी सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों में से एक 2009 में गोल्डन ग्लोब जीतना था, जो उन्हें 'जोधा अकबर' फिल्म के लिए मिला। इस पुरस्कार ने यह साबित कर दिया कि भारतीय संगीतकार भी वैश्विक स्तर पर अपनी कला के लिए मान्यता प्राप्त कर सकते हैं। यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
रहमान ने अपने करियर में कई पुरस्कार जीते हैं, जिनमें दो ऑस्कर अवार्ड भी शामिल हैं। इसके अलावा, उन्हें ग्रैमी, बाफ्टा और कई राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं। उन्होंने व्यक्तिगत एल्बम और चैरिटी प्रोजेक्ट्स में भी योगदान दिया है। उनका संगीत हमेशा नई सोच और आधुनिकता के साथ पारंपरिक भारतीय धुनों का मिश्रण रहा है।
--News Media
पीके/एएस
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