क्या आप जानते हैं 19 साल पहले आई 'ट्रैफिक सिग्नल' फिल्म ने कैसे बदली थी सिनेमा की दिशा?
19 साल पहले आई मधुर भंडारकर की 'ट्रैफिक सिग्नल'
मुंबई, 2 फरवरी। मधुर भंडारकर द्वारा निर्देशित मल्टीस्टारर फिल्म 'ट्रैफिक सिग्नल' ने 2007 में रिलीज होकर अब 19 साल पूरे कर लिए हैं। यह फिल्म मुंबई के ट्रैफिक सिग्नल पर रहने वाले लोगों की जिंदगियों, बेघरों, भिखारियों, छोटे अपराधियों और सिस्टम की कड़वी सच्चाइयों को उजागर करती है।
भंडारकर की यह फिल्म समाज के उन पहलुओं पर प्रकाश डालती है, जिन्हें अक्सर अनदेखा किया जाता है।
फिल्म के प्रति भंडारकर की भावनाएं गहरी हैं, और उन्होंने अपनी भावनाओं को साझा करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया।
उन्होंने लिखा, "नेशनल अवॉर्ड विजेता फिल्म 'ट्रैफिक सिग्नल' ने मुझ पर गहरा प्रभाव डाला है, जिससे मैं आज भी विनम्रता और विशेषता का अनुभव करता हूं। यह उन जिंदगियों पर रोशनी डालती है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। 19 साल बाद भी इसका सामाजिक संदेश दर्शकों को आकर्षित करता है।"
उन्होंने फिल्म की टीम और सभी कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "मैं उन सभी कलाकारों और मेहनती तकनीशियनों का आभारी हूं, जिनकी मेहनत ने इस कहानी को जीवंत किया।"
फिल्म में कुणाल खेमू ने सागर नामक युवा का किरदार निभाया है, जो ट्रैफिक सिग्नल पर काम करता है और अपराध की दुनिया में फंस जाता है। कोंकणा सेन शर्मा, उपेंद्र लिमये, नीतू चंद्रा, और रणवीर शौरी जैसे कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
यह फिल्म मुंबई के ट्रैफिक सिग्नल के चारों ओर घूमती है और भ्रष्टाचार, गरीबी, अपराध और मानवीय संवेदनाओं को बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत करती है। 'ट्रैफिक सिग्नल' को रिलीज के बाद काफी सराहना मिली और यह भंडारकर की सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों की श्रेणी में शामिल हो गई।
इसके अलावा, इस फिल्म को 55वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में दो प्रमुख पुरस्कार भी मिले। भंडारकर को बेस्ट डायरेक्शन का नेशनल अवॉर्ड मिला, जबकि अनिल पालांडे को बेस्ट मेकअप आर्टिस्ट का पुरस्कार मिला। यह भंडारकर का तीसरा नेशनल अवॉर्ड था, इससे पहले उन्हें 'चांदनी बार' और 'पेज 3' के लिए भी यह सम्मान मिल चुका है।
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