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क्या Jacqueline Fernandez के मनी लॉन्ड्रिंग केस में नया मोड़ आया? जानें पूरी कहानी!

Jacqueline Fernandez के 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया है। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय की जांच से संबंधित है, जिसमें जैकलीन ने आरोप तय करने के आदेश को चुनौती दी है। सुनवाई की अगली तारीख 25 जून है, और सभी की नजरें इस हाई-प्रोफाइल केस पर टिकी हुई हैं।
 
क्या Jacqueline Fernandez के मनी लॉन्ड्रिंग केस में नया मोड़ आया? जानें पूरी कहानी!

सुप्रीम कोर्ट में Jacqueline Fernandez के मामले में नया घटनाक्रम


Jacqueline Fernandez से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने इस याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। यह मामला उस याचिका से संबंधित है जिसमें जैकलीन ने दिल्ली की ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की जांच से जुड़ा है।



सुनवाई के दौरान जस्टिस अतुल एस. चंदुर्कर की बेंच ने पहले ही स्पष्ट कर दिया कि यह मामला किसी अन्य बेंच के समक्ष रखा जाएगा। जस्टिस मिश्रा ने बताया कि एक संबंधित मामले में उनके परिवार का कोई सदस्य सरकार की ओर से पेश हो चुका है, इसलिए उन्होंने नैतिक आधार पर खुद को सुनवाई से अलग करने का निर्णय लिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस मामले को 25 जून को ऐसी बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए, जिसमें मौजूदा दोनों न्यायाधीशों में से कोई भी शामिल न हो, ताकि सुनवाई की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे।


यह मामला कथित तौर पर एक बड़े वित्तीय घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से संबंधित है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही है। जैकलीन फर्नांडिस ने आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देते हुए इसे कानूनी रूप से गलत बताया है। वर्तमान में मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह केस लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है और इसमें कई हाई-प्रोफाइल नाम शामिल हैं।


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