Movie prime

कंवर ढिल्लों ने साझा की अपनी पहली बाइक की यादें, जानें कैसे बनीं ये खास!

अभिनेता कंवर ढिल्लों ने वर्ल्ड मोटरसाइकिल डे पर अपनी पहली बाइक के साथ जुड़ी यादें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि कैसे उनका बाइक प्रेम बचपन से शुरू हुआ और यह एक सपने में बदल गया। कंवर ने अपनी पहली बाइक खरीदने की कहानी भी सुनाई, जिसमें उन्होंने अपने पिता के साथ एक शर्त रखी थी। जानें कैसे बाइक चलाना उनके लिए एक मानसिक सुकून और जिम्मेदारी का एहसास है।
 
कंवर ढिल्लों ने साझा की अपनी पहली बाइक की यादें, जानें कैसे बनीं ये खास!

कंवर ढिल्लों की बाइक प्रेम कहानी


मुंबई, 21 जून। वर्ल्ड मोटरसाइकिल डे के अवसर पर, अभिनेता कंवर ढिल्लों ने अपनी पहली बाइक से जुड़ी यादों को साझा किया। वर्तमान में टीवी शो 'उड़ने की आशा' में सचिन का किरदार निभा रहे कंवर ने बताया कि कैसे उनका बाइक के प्रति प्यार बचपन से शुरू हुआ और धीरे-धीरे यह एक सपने में बदल गया, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत से पूरा किया।


कंवर ने कहा, ''बाइक मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। बाइक चलाना मुझे मानसिक शांति देता है। जब मैं हेलमेट पहनकर बाइक पर निकलता हूं, तो मुझे एक अलग तरह की सुकून की अनुभूति होती है। मेरे लिए बाइक चलाना एक प्रकार की थेरेपी है, जो रोजमर्रा की भागदौड़ से राहत देती है।''


उन्होंने आगे कहा, ''बाइक ने मेरी जिंदगी को सरल बना दिया है, क्योंकि इससे मेरा समय बचता है और यात्रा भी अधिक आनंददायक होती है।''


अपने बचपन को याद करते हुए कंवर ने कहा, ''मुझे छोटी उम्र से ही टू-व्हीलर का शौक था। मैंने साइकिल से शुरुआत की, लेकिन जैसे-जैसे बड़ा हुआ, बाइक के प्रति मेरा प्यार बढ़ता गया। बाइक चलाने का जो रोमांच है, वह मुझे हमेशा से पसंद रहा है। मैंने बचपन में ही अपनी बाइक खरीदने का सपना देख लिया था।''


कंवर ने अपनी पहली बाइक खरीदने की कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया, ''मेरी पहली बाइक यामाहा फेजर 150 सीसी थी। उस समय मैं कॉलेज में था और एक्टिंग करियर को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। मुझे रोज कॉलेज से ऑडिशन के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। ऐसे में मैंने अपने पिता से बाइक दिलाने की बात की। उन्होंने मेरी जरूरत को समझा और बाइक दिला दी, लेकिन इसके साथ एक शर्त भी रखी गई।''


कंवर ने कहा, ''मेरे और मेरे पिता के बीच यह तय हुआ था कि जब मुझे पहली नौकरी मिलेगी, तब वह बाइक के पैसे वापस ले लेंगे। यह शर्त मेरे लिए एक बड़ी जिम्मेदारी थी। जब मुझे अपने पहले टीवी शो 'द बडी प्रोजेक्ट' के लिए पैसे मिले, तो मैंने तुरंत अपने पिता का पूरा पैसा लौटा दिया। वह पल मेरे जीवन के सबसे खास क्षणों में से एक था।''


उन्होंने कहा, ''अपनी मेहनत से कमाए हुए पैसों से पिता का उधार चुकाने के बाद जो संतोष मिला, उसे शब्दों में नहीं कह सकता। यह सिर्फ बाइक का मालिक बनने की खुशी नहीं थी, बल्कि अपनी जिम्मेदारी निभाने का एहसास भी था।''


कंवर ने बताया, ''आज मेरे पास दो बाइक हैं। इन बाइक्स को खरीदना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। मैंने इस बारे में अपने परिवार को पहले से नहीं बताया। जब बाइक की डिलीवरी का समय आया, तो मैं सीधे अपने परिवार को वहां ले गया और उन्हें यह सरप्राइज दिया। परिवार की खुशी देखकर मेरी खुशी और भी बढ़ गई।''


कंवर ने कहा, ''बाइक चलाने का शौक जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जिम्मेदारी और सुरक्षा है। मैं कभी बिना हेलमेट के बाइक नहीं चलाता और सभी बाइक राइडर्स से भी यही अपील करता हूं कि हेलमेट पहनकर ही ड्राइव करें।''


OTT