कंगना रनौत की फिल्म 'फैशन': सफलता की कहानी या मानसिक तनाव का सफर?
कंगना रनौत का संघर्ष और सफलता
मुंबई, 22 मार्च। बॉलीवुड की 'क्वीन' कंगना रनौत की आवाज़ आज न केवल फिल्म इंडस्ट्री में, बल्कि देश की संसद में भी गूंजती है। एक बहुआयामी अभिनेत्री होने के साथ-साथ, कंगना अब एक सक्रिय सांसद की भूमिका भी निभा रही हैं।
हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकलकर मुंबई की चमक-दमक तक पहुंचने का कंगना का सफर संघर्षों से भरा रहा है। बहुत से लोग नहीं जानते कि जिस फिल्म ने उन्हें पहला 'राष्ट्रीय पुरस्कार' दिलाया, उसके दौरान वे गहरे मानसिक तनाव का सामना कर रही थीं। आज, 23 मार्च को कंगना के जन्मदिन पर, आइए जानते हैं उनकी फिल्म 'फैशन' से जुड़े कुछ अनसुने किस्से।
कंगना ने 'फैशन' में काम करने से पहले सोचा था कि उनका रोल बहुत छोटा है, लेकिन बाद में यह उनके लिए एक मजबूरी बन गया। 'गैंगस्टर' में लीड रोल के बाद मिली प्रशंसा को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण था, और उस समय उन्हें लीड रोल के लिए कोई प्रस्ताव नहीं मिल रहा था। इसी कारण उन्होंने फिल्म के लिए सहमति दी, लेकिन इसके चलते वे डिप्रेशन का शिकार हो गईं।
कंगना ने एक इंटरव्यू में बताया कि 'सोनाली' का किरदार निभाना उनके लिए डरावना था, क्योंकि उस समय वे खुद भी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं। फिल्म में रैंप वॉक के सीन को परफेक्ट बनाने के लिए उन्होंने घंटों रिहर्सल की। निर्देशक मधुर भंडारकर ने कहा कि कंगना ने उस किरदार के 'डिप्रेशन' को इतनी गंभीरता से लिया कि वह सेट पर अक्सर चुप और उदास रहती थीं। इस फिल्म के लिए उन्हें अपना पहला नेशनल अवार्ड मिला।
'सोनाली' का किरदार एक नशे की आदी लड़की का था, जिसे न तो प्रसिद्धि मिल रही थी और न ही काम। कंगना ने इस फिल्म में नशे से जुड़े कई सीन किए। इन सीन को सही तरीके से निभाने के लिए वे कोकीन के आदी लोगों से मिलीं और उनके अनुभवों को समझा। हालांकि फिल्म के रिलीज के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने इस फिल्म के जरिए मैगजीन और अंतर्राष्ट्रीय फैशन ब्रांड को बढ़ावा दिया।
इन सभी कारणों से कंगना को मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। फिर भी, 'सोनाली' के किरदार के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल अवार्ड मिला, जिसने उनके करियर को एक नई दिशा दी। कंगना ने कहा कि अवार्ड मिलने के बाद कई बड़े नामों ने उन्हें फोन किया।
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