कंगना रनौत और बाबा रामदेव के बीच विवाद: क्या है 'जेनरेशन गटर' का सच?
कंगना रनौत का विवादास्पद बयान
कंगना रनौत हाल ही में अपने एक बयान के कारण सुर्खियों में आईं। उन्होंने यह आरोप लगाया कि कुछ युवा हिंदू महिलाएं, जिन्हें जेनरेशन Z कहा जाता है, बिना किसी जिम्मेदारी के स्वतंत्रता का दिखावा कर रही हैं। इस टिप्पणी को लेकर काफी विवाद उत्पन्न हुआ और विभिन्न प्रतिक्रियाएं आईं। एक कार्यक्रम में बाबा रामदेव से जब इस विषय पर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे "विकृत मानसिकता" बताया और सुझाव दिया कि कंगना की राजनीतिक पार्टी को इस पर ध्यान देना चाहिए।
कंगना का बाबा रामदेव को जवाब
कंगना ने बाबा रामदेव की टिप्पणियों का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें उनकी निजी जिंदगी के बारे में कोई अनुमान नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, "बाबा-जी, मेरी जवानी या मेरे बेडरूम के बारे में ख्याली पुलाव न पकाएं।" उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कभी भी सुप्रीम कोर्ट से झूठे दावों के लिए फटकार नहीं मिली है।
कंगना ने आगे कहा, "मेरा चरित्र आपसे कहीं बेहतर है; यहाँ कोई धोखा नहीं है।" *आज तक* की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब बाबा रामदेव से कंगना के बयानों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने उनकी परवरिश पर सवाल उठाया। रामदेव ने कहा, "उनका बचपन कैसा था? उनकी जवानी कैसी थी?" उन्होंने यह भी कहा कि 'जेनरेशन गटर' कहना कमजोर मानसिकता का प्रतीक है।
सुप्रीम कोर्ट का मामला
कंगना की टिप्पणियों का संदर्भ 2024 में सुप्रीम कोर्ट के एक मामले से भी जुड़ा है। कोर्ट ने बाबा रामदेव और पतंजलि के मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण को गुमराह करने वाले विज्ञापनों के लिए तलब किया था। उन्हें यह बताने के लिए कहा गया कि क्यों उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही नहीं की जानी चाहिए। इसके बाद, बाबा रामदेव ने बिना शर्त माफी मांगी।
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