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कंगना रनोट ने एलन मस्क के विवाद में कमल हासन का किया समर्थन, जानें क्या है मामला!

कंगना रनोट ने स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को लेकर चल रही बहस में कमल हासन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी अरबपति को किसी देश की नीतियों को निर्धारित करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। यह विवाद तब शुरू हुआ जब एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की सेवाओं में देरी पर सवाल उठाए और भारतीय कारोबारियों पर आरोप लगाए। कमल हासन ने मस्क की टिप्पणियों का जवाब देते हुए भारत की लोकतांत्रिक स्थिति को रेखांकित किया। इस मुद्दे ने राजनीतिक और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना दिया है।
 

कंगना रनोट का एलन मस्क पर बयान

भारत में स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को लेकर चल रही बहस में अब अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट भी शामिल हो गई हैं। उन्होंने अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन के बयान का समर्थन करते हुए उनकी टिप्पणी की सराहना की। कंगना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कमल हासन की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “ओह! यह तो चुभ गया होगा।” उन्होंने कहा कि किसी भी अरबपति को किसी देश की नीतियों को निर्धारित करने का अधिकार नहीं होना चाहिए, चाहे वह भारत हो या अमेरिका। कंगना ने हासन के उत्तर को सटीक और व्यंग्यात्मक बताया। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब भारत में स्टारलिंक की व्यावसायिक सेवाओं को शुरू करने के लिए आवश्यक मंजूरियों पर बहस तेज हो गई है।


एलन मस्क की टिप्पणियाँ


यह विवाद तब शुरू हुआ जब स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की सेवाओं में हो रही देरी पर सवाल उठाए। मस्क ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली भारतीय कारोबारी स्टारलिंक की एंट्री में बाधा डाल रहे हैं ताकि वे बाजार में अपनी स्थिति बनाए रख सकें। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी भारत के असली ताकतवर व्यक्ति हैं। मस्क ने दावा किया कि स्टारलिंक को 165 से अधिक देशों में सेवा देने की मंजूरी मिल चुकी है और कंपनी कई वर्षों से भारतीय नियमों का पालन कर रही है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।


कमल हासन का उत्तर

कमल हासन ने मस्क की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी अरबपति को किसी देश की नीतियों को निर्धारित करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने भारत को एक लोकतांत्रिक देश बताते हुए कहा कि देश का भविष्य यहां के नागरिकों द्वारा तय किया जाएगा।


हासन ने यह भी कहा कि भारत को सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में भारतीय और विदेशी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा का स्वागत करना चाहिए। लेकिन सेवाएं ऐसी होनी चाहिए जो आम लोगों की पहुंच में हों और दूरदराज के क्षेत्रों में भी किफायती इंटरनेट उपलब्ध कराएं। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया, यह कहते हुए कि दूरसंचार नेटवर्क और स्पेक्ट्रम केवल व्यावसायिक संसाधन नहीं हैं, बल्कि देश की रणनीतिक सुरक्षा से भी जुड़े हैं।


सरकार का स्पष्टीकरण

स्टारलिंक की मंजूरी को लेकर उठे सवालों पर भारत सरकार ने कहा है कि सैटेलाइट संचार सेवाओं के लिए नियम निष्पक्ष हैं। सरकार के अनुसार, स्टारलिंक सहित संबंधित कंपनियों को व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने से पहले सुरक्षा संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी और स्पेक्ट्रम आवंटन जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।


यह विवाद भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं, बाजार में प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय नीतियों को निर्धारित करने के अधिकार पर नई बहस को जन्म दे रहा है। कंगना रनोट के कमल हासन के समर्थन में आने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और मनोरंजन जगत में भी चर्चा का विषय बन गया है।


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