ऋषि कपूर के रोमांटिक गुणों का राज: परदादा दीवान बशेश्वरनाथ कपूर की अनोखी कहानी
ऋषि कपूर का रोमांस और परिवार की विरासत
मुंबई, 29 अप्रैल। 1980 के दशक में जब एक्शन फिल्में दर्शकों का ध्यान खींच रही थीं, तब ऋषि कपूर ने अपने रंगीन स्वेटर, घने बालों और आकर्षक चेहरे के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उन्होंने 'लैला मजनू', 'कर्ज़', 'सागर', 'चांदनी', 'प्रेम रोग', 'नगीना', और 'दीवाना' जैसी कई रोमांटिक फिल्मों में अपने अभिनय का जादू बिखेरा। ऋषि कपूर ने खुद कहा था कि पर्दे पर रोमांस करना उनके लिए आसान था, क्योंकि यह गुण उनके खून में था।
ऋषि कपूर के पिता, राज कपूर, एक साधारण और मेहनती व्यक्ति थे, जो सेट पर घंटों काम करते थे और परिवार के साथ समय बिताते थे। वहीं, उनके परदादा दीवान बशेश्वरनाथ कपूर का स्वभाव रंगीन था। ऋषि कपूर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'खुल्लम खुल्ला: ऋषि कपूर अनसेंसर्ड' के विमोचन पर बताया कि उनके रोमांटिक गुणों का श्रेय उनके परदादा को जाता है।
एक दिलचस्प किस्से में, ऋषि कपूर ने बताया कि उनके परदादा, जो ब्रिटिश राज के दौरान तहसीलदार थे, ने एक बार प्रेमिका के घर तक पहुंचने के लिए सुरंग बनाई थी। हालांकि, इस रोमांटिक प्रयास के लिए उन्हें नौकरी से सस्पेंड भी कर दिया गया। ऋषि कपूर ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी किसी के लिए सुरंग नहीं बनाई, लेकिन प्यार में पड़ने का अनुभव जरूर किया।
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