ईशान खट्टर ने साझा की 'होमबाउंड' फिल्म की तैयारी की अनोखी कहानी
ईशान खट्टर की फिल्म 'होमबाउंड' में किरदारों को जीने की चुनौती
मुंबई, 26 सितंबर (भाषा) अभिनेता ईशान खट्टर ने बताया कि निर्देशक नीरज घायवान ने उनकी फिल्म 'होमबाउंड' के कलाकारों को एक महत्वपूर्ण चुनौती दी थी। उन्हें केवल संवाद याद करने की आवश्यकता नहीं थी, बल्कि उन किरदारों को जीने का भी निर्देश दिया गया था।
ईशान ने कहा कि इस फिल्म ने उन्हें आत्म-विश्लेषण करने का अवसर प्रदान किया।
नीरज घायवान द्वारा निर्देशित यह फिल्म उत्तर भारत के दो युवकों, चंदन (विशाल जेठवा) और शोएब (ईशान खट्टर) की दोस्ती की कहानी है।
दोनों दोस्तों का सपना पुलिस बल में शामिल होना था, लेकिन जाति और धर्म के कारण सामाजिक पूर्वाग्रह उनके सपनों में बाधा डालते हैं।
ईशान ने निर्देशक के साथ अपनी बातचीत के बारे में बताया, "नीरज ने हमें स्पष्ट किया कि हमें अपने किरदारों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "नीरज ने कहा कि ये किरदार आपके लिए नहीं लिखे गए हैं, बल्कि आपको खुद को इन किरदारों में ढालना होगा। उनका पहला अनुरोध था कि आप किरदार में पूरी तरह समाहित हो जाएं।"
ईशान, जो 'बियॉन्ड द क्लाउड्स', 'धड़क' और 'पिप्पा' जैसी फिल्मों में अपने किरदारों के लिए जाने जाते हैं, ने कहा कि घायवान जैसे निर्देशक के साथ काम करना उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
उन्होंने कहा, "बहुत कम निर्देशक आपको इस तरह आगे बढ़ने का मौका देते हैं। मैंने अपने करियर की शुरुआत माजिद मजीदी जैसे निर्देशक के साथ की थी और मुझे पता था कि नीरज मेरे लिए एक बड़ा तोहफा साबित होंगे।"
फिल्म 'होमबाउंड', जो शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई, पत्रकार बशारत पीर के 'द न्यू यॉर्क टाइम्स' के लेख 'टेकिंग अमृत होम' से प्रेरित है।
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