Movie prime

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री NTR की 30वीं पुण्यतिथि: परिवार और प्रशंसकों ने दी श्रद्धांजलि

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और साउथ के दिग्गज अभिनेता नंदमुरी तारक रामा राव (एनटीआर) की 30वीं पुण्यतिथि पर उनके परिवार और प्रशंसकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनके बेटे नंदमुरी बालकृष्ण और पोते नंदमुरी कल्याण राम ने भी अपने दादा को याद किया। एनटीआर का जीवन बहुआयामी रहा, जिसमें उन्होंने फिल्मों और राजनीति दोनों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जानें उनके जीवन की महानता और उनके द्वारा किए गए कार्यों के बारे में।
 
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री NTR की 30वीं पुण्यतिथि: परिवार और प्रशंसकों ने दी श्रद्धांजलि

NTR की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि


मुंबई, 18 जनवरी। दक्षिण भारतीय सिनेमा के महानायक और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नंदमुरी तारक रामा राव (एनटीआर) की 30वीं पुण्यतिथि पर उनके परिवार के सदस्यों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


एनटीआर घाट पर उनके बेटे और प्रसिद्ध अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण ने श्रद्धांजलि दी। बालकृष्ण ने अपने पिता के स्मारक पर फूल चढ़ाए और उन्हें नमन किया। वहां उपस्थित अन्य लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।


इसके अलावा, एनटीआर के पोते नंदमुरी कल्याण राम भी घाट पर पहुंचे और उन्होंने अपने दादा को श्रद्धांजलि दी। कल्याण राम, जो तेलुगु फिल्म उद्योग में सक्रिय हैं और जूनियर एनटीआर के भाई हैं, ने इस अवसर पर अपने दादा की यादों को ताजा किया और उनके जीवन की महानता को याद किया।


राजनीतिक क्षेत्र से भी उनके नाती नारा लोकेश एनटीआर घाट पहुंचे। उन्होंने अपने नाना को नमन किया और भावुक होकर उन्हें याद किया।


एन.टी. रामा राव का जीवन बहुआयामी रहा। उनका जन्म 28 मई 1923 को आंध्र प्रदेश के निम्माकारू गांव में हुआ था। बचपन से ही उन्हें अभिनय में रुचि थी। उन्होंने फिल्मों के माध्यम से न केवल मनोरंजन किया, बल्कि धार्मिक और सामाजिक कहानियों के जरिए नैतिक संदेश भी दिए। उनकी अधिकांश फिल्में हिंदू देवताओं के किरदारों पर आधारित थीं।


फिल्मों में सफलता के बाद, एनटीआर ने राजनीति में कदम रखा। 1982 में उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की स्थापना की और 1983 में पहली बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद उन्होंने 1985 और 1994 में भी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। राजनीति में उनका व्यक्तित्व भी फिल्मों की तरह प्रभावशाली था। उन्होंने जनता के मुद्दों को समझा और कई सुधार किए। 18 जनवरी 1996 को 72 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, लेकिन उनके योगदान आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।


OTT