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अभिषेक कपूर: बॉलीवुड के असाधारण फिल्म निर्माता की प्रेरणादायक यात्रा

अभिषेक कपूर, जो 1971 में मुंबई में जन्मे, ने अपने करियर की शुरुआत एक अभिनेता के रूप में की थी, लेकिन बाद में उन्होंने एक सफल फिल्म निर्माता के रूप में पहचान बनाई। उनकी फिल्में न केवल मनोरंजन करती हैं, बल्कि सामाजिक मुद्दों को भी उठाती हैं। 'रॉक ऑन' और 'काई पो चे!' जैसी फिल्मों के माध्यम से उन्होंने कई नए चेहरों को बॉलीवुड में लांच किया। उनकी हालिया फिल्म 'आजाद' ने बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष किया, लेकिन उनका सकारात्मक दृष्टिकोण हमेशा प्रेरणादायक रहा है। जानें उनकी यात्रा के बारे में और कैसे उन्होंने असफलताओं को अपने लिए एक शिक्षक बनाया।
 

अभिषेक कपूर का प्रारंभिक सफर


मुंबई में 6 अगस्त 1971 को जन्मे अभिषेक कपूर ने 1996 में 'उफ! ये मोहब्बत' और 'आशिक मस्ताने' जैसी फिल्मों से बॉलीवुड में कदम रखा। उन्हें उनके करीबी लोग प्यार से 'गट्टू' कहते हैं।


हालांकि, इन दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, जिससे उनका स्टार बनने का सपना चुराया गया। लेकिन अभिषेक की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई; यह तो एक नई शुरुआत थी, जिसने भारतीय सिनेमा को एक अद्वितीय फिल्म निर्माता दिया।


निर्देशक के रूप में करियर की शुरुआत

अभिषेक कपूर की पहली स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म 'आर्यन: अनब्रेकेबल' (2006) भी व्यावसायिक रूप से सफल नहीं रही। लेकिन उनके करियर का असली मोड़ तब आया जब एक दिन वे पूल के किनारे बैठकर अपने आईपॉड पर डेव मैथ्यूज और यू2 का संगीत सुन रहे थे।


इस दौरान उनके मन में एक ऐसे रॉक बैंड की कहानी का विचार आया, जिसके गाने हिंदी में हों। यह विचार 2008 की कल्ट क्लासिक फिल्म 'रॉक ऑन' में तब्दील हुआ। उन्होंने इस फिल्म के लिए फरहान अख्तर को चुना और अर्जुन रामपाल को एक महत्वपूर्ण भूमिका दी। फिल्म का संगीत शंकर-एहसान-लॉय ने केवल पांच दिनों में तैयार किया। इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतकर अभिषेक कपूर को एक स्थापित निर्देशक बना दिया।


प्रोडक्शन कंपनी और नई फिल्में

अभिषेक कपूर ने अपनी पत्नी प्रज्ञा कपूर के साथ 'गय इन द स्काई पिक्चर्स' प्रोडक्शन कंपनी की स्थापना की, जिसके माध्यम से वे बेहतरीन कहानियां पेश कर रहे हैं। 2013 में, उन्होंने चेतन भगत के उपन्यास पर आधारित 'काई पो चे!' के जरिए सुशांत सिंह राजपूत और राजकुमार राव को बॉलीवुड में लॉन्च किया।


दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म के संगीतकार अमित त्रिवेदी ने जल्दी ही गाने तैयार कर लिए, जिससे अभिषेक को लगा कि यह 'कॉपी-पेस्ट' काम है, लेकिन बाद में वही संगीत फिल्म की जान बन गया।


सामाजिक मुद्दों पर ध्यान

अभिषेक कपूर की फिल्में केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं; वे सामाजिक मुद्दों को भी उठाती हैं। 2021 में आई 'चंडीगढ़ करे आशिकी' मुख्यधारा की पहली व्यावसायिक फिल्म थी, जिसने एक ट्रांस-वुमन की प्रेम कहानी को दर्शाया।


उन्होंने अपने करियर में असफलताओं को एक शिक्षक माना है और मानते हैं कि आज का सिनेमा बदल रहा है, जहां समानांतर और व्यावसायिक सिनेमा के बीच की सीमाएं धुंधली हो गई हैं।


हालिया प्रोजेक्ट्स और व्यक्तिगत जीवन

17 जनवरी, 2025 को रिलीज हुई उनकी पीरियड ड्रामा फिल्म 'आजाद' ने बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष किया, लेकिन अभिषेक का नजरिया सकारात्मक रहा। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, "सपने हिट या फ्लॉप नहीं होते, साकार होते हैं।"


4 मई, 2015 को स्वीडिश अभिनेत्री प्रज्ञा यादव से विवाह करने वाले अभिषेक कपूर आज दो बच्चों के पिता हैं और एक खुशहाल पारिवारिक जीवन जी रहे हैं।


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