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अदिवि शेष ने ‘डकैत’ फिल्म के प्रमोशन में साझा किए विचार, दखल देने वाले विचारों पर दी नई परिभाषा

अदिवि शेष, जो कि एक अभिनेता, निर्देशक और लेखक हैं, अपनी आगामी फिल्म ‘डकैत’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। उन्होंने दखल देने वाले विचारों को लेकर एक नई परिभाषा प्रस्तुत की है, जिसे उन्होंने दिमाग की स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताया। अदिवि का मानना है कि हम अक्सर अपने विचारों को छिपाते हैं, जबकि सच्चाई को खुलकर व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने तेलुगु सिनेमा की विशेषताओं पर भी चर्चा की, जिसमें व्यक्तिगत प्रोड्यूसर्स की भूमिका और भावनात्मक जुड़ाव शामिल है। फिल्म ‘डकैत’ 10 अप्रैल को रिलीज होने वाली है।
 
अदिवि शेष ने ‘डकैत’ फिल्म के प्रमोशन में साझा किए विचार, दखल देने वाले विचारों पर दी नई परिभाषा

अदिवि शेष का अनोखा दृष्टिकोण




मुंबई, 30 मार्च। अभिनेता, निर्देशक और लेखक अदिवि शेष अपनी नई फिल्म ‘डकैत’ के प्रचार में जुटे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने एक दिलचस्प बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि जो विचार दुनिया में 'दखल देने वाला' समझा जाता है, वह वास्तव में दिमाग की स्वाभाविक और सच्ची प्रतिक्रिया है।


अदिवि शेष का यह विचार पारंपरिक सोच से भिन्न है। आमतौर पर, दखल देने वाले विचारों को अवांछित और परेशान करने वाला माना जाता है, लेकिन अदिवि इसे दिमाग की ईमानदार प्रतिक्रिया मानते हैं।


एक विशेष बातचीत में, अदिवि ने कहा, “हम अक्सर खुद को दूसरों के जजमेंट से बचाने के लिए कई कवच पहन लेते हैं। सच्चाई यह है कि जिसे हम दखल देने वाला विचार समझते हैं, वह वास्तव में एक सच्चा विचार होता है। यह दुखद है कि हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं, जहां हम अपनी सच्ची बातें खुलकर नहीं कह सकते। मैं उन लोगों की तरह बहादुर नहीं हूं, जो बिना किसी डर के सच बोलते हैं।”


फिल्म में अदिवि शेष की भूमिका को लेकर काफी चर्चा हो रही है। वह न केवल एक सफल अभिनेता हैं, बल्कि एक विचारक और रचनाकार भी हैं।


अपनी फिल्म ‘डकैत’ के बारे में बात करते हुए, अदिवि ने तेलुगु सिनेमा की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तेलुगु सिनेमा भारत की अन्य फिल्म इंडस्ट्रीज से इस वजह से अलग है क्योंकि यहां अभी भी कॉर्पोरेट का दबदबा नहीं है। फिल्में व्यक्तिगत प्रोड्यूसर्स द्वारा बनाई जाती हैं। कोई अपने घर को गिरवी रखकर, कोई जमीन बेचकर और कोई अपनी कमाई से फिल्म बनाता है।


अदिवि शेष ने कहा, “तेलुगू सिनेमा में अभी भी भावनात्मक जुड़ाव है। लोग अपनी पूरी मेहनत और संसाधन लगाकर फिल्म बनाते हैं। यही कारण है कि यहां की फिल्मों में जान होती है।”


निर्माता सुप्रिया यारलागड्डा की फिल्म ‘डकैत’ 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाली है।


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