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15 अगस्त पर देशभक्ति के डायलॉग्स: ये हैं बॉलीवुड के सबसे प्रेरणादायक पल

15 अगस्त के अवसर पर, बॉलीवुड की कई देशभक्ति फिल्मों के डायलॉग्स ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। इस लेख में हम उन प्रेरणादायक डायलॉग्स पर चर्चा करेंगे जो न केवल फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाते हैं, बल्कि देशभक्ति का जज्बा भी जगाते हैं। जानें कौन से हैं ये डायलॉग्स और उनके पीछे की कहानियाँ।
 

बॉलीवुड की देशभक्ति फिल्मों के यादगार डायलॉग्स




मुंबई, 15 अगस्त। बॉलीवुड की कई देशभक्ति फिल्मों में ऐसे डायलॉग्स शामिल हैं, जो दर्शकों के दिलों में गूंजते रहते हैं। जैसे कि 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' का 'हाउस द जोश?' और 'राजी' का 'वतन के आगे कुछ नहीं, खुद भी नहीं'। ऐसे ही कुछ प्रेरणादायक डायलॉग्स और उनके सीन पर एक नजर डालते हैं।


फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' में परेश रावल का एक डायलॉग है, 'ये हिंदुस्तान अब चुप नहीं बैठेगा... ये नया हिंदुस्तान है... ये घर में घुसेगा भी और मारेगा भी', जो दर्शकों को बहुत पसंद आया। यह डायलॉग भारतीय जवानों पर हुए आतंकी हमले के बाद की तैयारी के दौरान आता है। परेश रावल ने इस फिल्म में एनएसए गोविंद भारद्वाज का किरदार निभाया है।


फिल्म 'राजी' में आलिया भट्ट का डायलॉग 'वतन के आगे कुछ नहीं, खुद भी नहीं' एक महत्वपूर्ण क्षण है। इस फिल्म में आलिया का किरदार 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान में एक भारतीय लड़की है, जो अपने देश के लिए खुफिया जानकारी जुटाती है।


शाहरुख खान की फिल्म 'चक दे! इंडिया' में उनका डायलॉग 'मुझे स्टेट्स के नाम न सुनाई देते हैं, न दिखाई देते हैं, सिर्फ एक मुल्क का नाम सुनाई देता है... इंडिया' भी बहुत प्रेरणादायक है। यह डायलॉग भारतीय महिला हॉकी टीम को एकजुट करने के लिए है।


फिल्म 'गदर: एक प्रेम कथा' में सनी देओल का डायलॉग 'हमारा हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है, जिंदाबाद रहेगा' भी दर्शकों के दिलों को छू गया। यह डायलॉग भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय की कहानी को दर्शाता है।


विक्की कौशल की फिल्म 'सैम बहादुर' में उनका डायलॉग 'अमृतसर की पैदाइश हूं, बीवी बॉम्बे की है, दिल्ली में काम करता हूं, इससे ज्यादा इंडियन क्या हो सकता हूं?' भी दर्शकों को बहुत पसंद आया।


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