Movie prime

हरिहरन का 71वां जन्मदिन: भारतीय संगीत के दिग्गज की कहानी

हरिहरन, भारतीय संगीत के एक प्रमुख गायक, आज अपने 71वें जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं। केरल में जन्मे हरिहरन ने कई भाषाओं में गाने गाए हैं और अपनी सुरीली आवाज से लाखों दिलों को छुआ है। उनके जीवन की यात्रा, संगीत में उनके योगदान और उनके पसंदीदा संगीतकारों के बारे में जानें। इस लेख में हरिहरन के जीवन की कुछ दिलचस्प बातें साझा की गई हैं।
 
हरिहरन का 71वां जन्मदिन: भारतीय संगीत के दिग्गज की कहानी

हरिहरन का जन्मदिन

भारतीय संगीत के मशहूर गायक हरिहरन आज, 03 अप्रैल को, अपने 71वें जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं। उन्होंने विभिन्न भारतीय भाषाओं में गाने गाए हैं और अपनी गायकी से लाखों फैंस का दिल जीता है। उनके कुछ प्रसिद्ध गानों में 'बाहों के दरमियान', 'तू ही रे', 'रोजा जानेमन' और 'छोड़ आए हम' शामिल हैं। हरिहरन एक उत्कृष्ट गजल गायक भी हैं, जिन्होंने 500 से अधिक तमिल और लगभग 200 हिंदी गाने गाए हैं। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प जानकारियों पर नजर डालते हैं...


जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि

हरिहरन का जन्म 03 अप्रैल 1955 को केरल के त्रिवेंद्रम में हुआ था। वे प्रसिद्ध कर्नाटक गायिका श्रीमती अलामेलु के पुत्र हैं। उन्होंने अपने पिता अनंत सुब्रमणि से भारतीय शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली। हरिहरन ने माटुंगा के डॉन बॉस्को हाईस्कूल से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की और फिर मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की।


प्रसिद्धि की ओर कदम

1977 में हरिहरन ने 'ऑल इंडिया सुर सिंगर कॉम्पिटीशन' नामक सिंगिंग शो जीता, जिसके बाद वे एक लोकप्रिय चेहरा बन गए। उनकी सुरीली आवाज को सुनकर म्यूजिक डायरेक्टर जयदेव ने उन्हें सिंगर के रूप में साइन किया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1966 में, उन्होंने लेस्ले लुईस के साथ मिलकर 'कॉलोनियल कंजस' नामक बैंड बनाया।


हरिहरन और लेस्ले लुईस की जोड़ी ने कई भाषाओं में बेहतरीन संगीत प्रस्तुत किया। हरिहरन के पसंदीदा संगीतकारों में उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान, लता मंगेशकर, एआर रहमान, आशा भोंसले और मेहंदी हसन शामिल हैं। उन्हें यात्रा करना और पढ़ना भी पसंद है।


OTT