सोनी राजदान ने छात्रों के आंदोलन पर जताई चिंता, कहा- 'सुनने का मतलब सिर्फ सुनना नहीं'!
सोनी राजदान का छात्रों के प्रति समर्थन
मुंबई, 25 जुलाई। अभिनेत्री आलिया भट्ट की मां, सोनी राजदान ने हाल ही में नीट परीक्षा लीक और अन्य संबंधित मुद्दों पर छात्रों के व्यापक विरोध प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उनका मानना है कि जब संस्थान विफल होते हैं, तो जवाबदेही की मांग करना आवश्यक है।
सोनी ने इंस्टाग्राम पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने छात्रों की पीड़ा को व्यक्त करते हुए कहा, "उनकी आवाज़ें सुनें। युवाओं को सड़कों पर प्रदर्शन करते देखना बेहद दुखद है। वे केवल यह चाहते हैं कि उनकी मेहनत और भविष्य के साथ अन्याय न हो। इन छात्रों ने महीनों तक उन परीक्षाओं की तैयारी की है, जिन पर उनका भविष्य निर्भर करता है। वे किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया की अपेक्षा कर रहे हैं। जब उनका विश्वास टूटता है, तो उनके गुस्से और निराशा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।"
उन्होंने आगे कहा, "राजनीति चाहे जैसी भी हो, सरकार का कर्तव्य है कि वह छात्रों की बात सुने। जवाबदेही आवश्यक है। सुनने का अर्थ केवल बातें सुनना नहीं, बल्कि कठिन सवालों का उत्तर देना भी है। यदि बार-बार समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जबकि सुधार का आश्वासन दिया गया हो, तो छात्रों का जवाबदेही मांगना पूरी तरह से उचित है।"
सोनी ने सही शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, "छात्रों को ऐसी परीक्षा प्रणाली मिलनी चाहिए, जिस पर वे भरोसा कर सकें। यह भी सच है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जैसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), व्यावसायिक और बुनियादी शिक्षा पर जोर, शिक्षा का डिजिटलीकरण और उच्च शिक्षा में सुधार। इन प्रयासों को भी उचित मान्यता मिलनी चाहिए।"
उन्होंने अपने नोट में लिखा, "यह पोस्ट किसी मंत्री के इस्तीफे की मांग के लिए नहीं है, बल्कि मुद्दे पर निर्णय की मांग के लिए है। मेरा उद्देश्य केवल छात्रों का समर्थन करना है। आज हमारे छात्र और युवा ऐसे समय में उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आए हैं, जब कई लोग खुद को अनसुना और निराश महसूस कर रहे हैं। आप सभी को और अधिक शक्ति, हौसला और धैर्य मिले। आगे का रास्ता कठिन है, लेकिन उम्मीद है कि आप डटे रहेंगे।"
सोनी ने अंत में कहा, "मेरी कामना है कि यह आंदोलन निष्पक्षता और जवाबदेही की लड़ाई पर कायम रहे और इसे किसी के निजी या राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल न किया जाए। मजबूत रहिए, सुरक्षित रहिए और जिस उद्देश्य के लिए लड़ रहे हैं, उसे कभी मत भूलिए। हम आपके साथ हैं।"
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