Movie prime

सुनील दत्त के अनोखे किस्से: वहीदा रहमान ने साझा किया दिलचस्प अनुभव

हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान ने हाल ही में एक टॉक शो में सुनील दत्त के साथ शूटिंग के दौरान की एक दिलचस्प घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कैसे सुनील दत्त अपने किरदार में पूरी तरह से डूब गए थे और शूटिंग के दौरान एक अनपेक्षित स्थिति का सामना करना पड़ा। जानें इस किस्से में क्या हुआ और सुनील दत्त का असली रूप क्या था।
 

वहीदा रहमान का टॉक शो में खुलासा


मुंबई, 30 जून। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज सितारों से जुड़ी कहानियां आज भी दर्शकों के बीच खासा आकर्षण रखती हैं। हाल ही में, अभिनेत्री वहीदा रहमान ने टॉक शो 'जीना इसी का नाम है' में एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म 'मुझे जीने दो' की शूटिंग के दौरान अभिनेता सुनील दत्त अचानक चिल्लाने लगे थे। उस समय किसी को समझ नहीं आया कि ऐसा क्यों हुआ, लेकिन जब सच सामने आया, तो सभी हैरान रह गए।


वहीदा ने कहा, "मैंने सुनील दत्त के साथ उनकी दो होम प्रोडक्शन फिल्मों 'मुझे जीने दो' और 'रेशमा और शेरा' में काम किया। इसके अलावा, हमने कई अन्य फिल्मों में भी साथ काम किया। वह हमेशा खूबसूरत लोकेशन का चयन करते थे। 'मुझे जीने दो' की शूटिंग के दौरान हम चंबल घाटी में टेंट में रहते थे। सुनील दत्त ने फिल्म में ठाकुर जरनैल सिंह का किरदार निभाया था और वह उस भूमिका में पूरी तरह से डूब गए थे।"


उन्होंने आगे कहा, "कुछ दिनों बाद, नरगिस जी अपने छोटे बेटे संजय दत्त के साथ शूटिंग पर आईं। मैंने उनसे सुनील दत्त की शिकायत की कि वह असल जिंदगी में भी डाकू की तरह व्यवहार कर रहे हैं।"


वहीदा ने बताया, "तीन दिन बाद, जब हम घाट पर खाना खा रहे थे, सुनील दत्त आए और जोर से बोले, 'मिसेज दत्त, उठिए… आप सब भी उठिए… वहीदा जी, उठिए।' शुक्र है कि उन्होंने मुझे 'वहीदा जी' कहा। नरगिस जी ने पूछा, 'क्या हुआ?' उन्होंने कहा, 'आप बहुत सवाल पूछती हैं, बस उठिए।' हम सब एक-दूसरे को देखने लगे।"


वहीदा ने आगे कहा, "कुछ समय बाद, सुनील दत्त बीएसएफ के कमांडर के साथ लौटे। उनके चेहरे से ही हमें समझ आ गया कि मामला गंभीर है। उन्होंने कहा, 'लेडीज, जल्दी उठिए और जीप में बैठ जाइए।' हमें बीच वाली जीप में बैठाया गया और चारों ओर हथियारबंद जवान तैनात थे।"


वहीदा रहमान और सुनील दत्त ने 'एक फूल चार कांटे', 'मुझे जीने दो', 'मेरी भाभी', 'दर्पण', 'रेशमा और शेरा' और 'जिंदगी जिंदगी' जैसी कई चर्चित फिल्मों में साथ काम किया।


गौरतलब है कि सुनील दत्त का निधन 25 मई 2005 को हुआ था। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, जब वह अपने बांद्रा स्थित आवास पर सो रहे थे।


OTT