संजय कपूर के पारिवारिक विवाद में सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश: क्या होगा आगे?
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
मुंबई, 14 मई। दिवंगत व्यवसायी संजय कपूर के संपत्ति और पारिवारिक ट्रस्ट के विवाद में, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक परिवार के बीच चल रही मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक किसी भी पक्ष को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जो समझौते की कोशिशों को प्रभावित कर सके।
मध्यस्थता की प्रक्रिया पर नजर
सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वह मध्यस्थता की प्रगति पर नजर रखेगा। अदालत ने यह सुनिश्चित किया कि इस दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) किसी प्रकार के अनुपालन के लिए दबाव नहीं डाल सकता।
रानी कपूर की चिंताएं
संजय कपूर की मां, रानी कपूर ने अदालत में कहा कि मामला पहले से ही मध्यस्थता के लिए भेजा जा चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लगातार बोर्ड मीटिंग्स और प्रशासनिक निर्णय लिए जाते रहे, तो विवाद और बढ़ सकता है। उनके वकील ने तर्क दिया कि इस तरह की मीटिंग्स से पारिवारिक ट्रस्ट और संबंधित संपत्तियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे मध्यस्थता प्रक्रिया कमजोर हो जाएगी।
प्रिया कपूर का पक्ष
वहीं, प्रिया कपूर और अन्य पक्षकारों ने अदालत में कहा कि ये मीटिंग्स पूरी तरह से नियमों के अनुसार आयोजित की गई हैं। उनके वकीलों ने बताया कि बोर्ड मीटिंग्स आरबीआई की गाइडलाइंस और कंपनियों में निदेशकों की नियुक्ति से संबंधित नियमों के अनुसार बुलाई गई थीं। यह केवल कंपनी के संचालन से संबंधित प्रक्रिया है।
जस्टिस का संदेश
सुनवाई के दौरान, जस्टिस जे. बी. पारदीवाला ने दोनों पक्षों को सलाह दी, ''हम सब खाली हाथ आए थे और खाली हाथ ही जाएंगे। हमें अपनी आत्मा के साथ आना चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को मामले को सुलझाने की इच्छा रखनी चाहिए और किसी को भी भारी मन से मध्यस्थ के सामने नहीं जाना चाहिए।''
रानी कपूर की नई याचिका
रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर और अन्य पक्षकारों को 'आरके फैमिली ट्रस्ट' के कार्यों में हस्तक्षेप करने से रोका जाए। उनका कहना है कि 7 मई को कोर्ट ने इस मामले में मध्यस्थता शुरू की थी और जब तक यह प्रक्रिया चल रही है, तब तक किसी भी प्रशासनिक निर्णय को नहीं लिया जाना चाहिए।
बोर्ड मीटिंग पर रोक की मांग
इसके अलावा, रानी कपूर ने 'रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा 8 मई को जारी नोटिस को भी चुनौती दी है, जिसमें 18 मई को कंपनी की बोर्ड मीटिंग बुलाई गई है। रानी कपूर ने अदालत से इस मीटिंग पर रोक लगाने की अपील की है, यह कहते हुए कि कंपनी के पास महत्वपूर्ण पारिवारिक संपत्तियां हैं और यदि इस दौरान कोई निर्णय लिया गया, तो विवाद और बढ़ सकता है।
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