लीज़ा रे ने बॉलीवुड से दूरी बनाने के पीछे की वजह बताई, जानें उनकी आत्म-खोज की कहानी
लीज़ा रे का करियर और आत्म-खोज
मुंबई, 16 जनवरी। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री लीजा रे ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की और 1994 में फिल्म 'हंसते खेलते' से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने 'कसूर', 'बॉलीवुड/हॉलीवुड' और 2005 में ऑस्कर के लिए नामांकित फिल्म 'वॉटर' जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया।
लीज़ा की छवि हमेशा एक ग्लैमरस और प्रभावशाली अदाकारा की रही है, लेकिन 2001 में, जब वह अपने करियर के चरम पर थीं, उन्होंने अचानक बॉलीवुड से अलविदा ले लिया। हाल ही में, उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से इस निर्णय के पीछे की वजह साझा की।
लीज़ा ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि वह खुद को उस तरह नहीं देख पा रही थीं, जैसे वह वास्तव में थीं। उन्होंने कहा, "मुझे केवल एक सुंदर मॉडल के रूप में देखा जा रहा था।" इस दौरान उनकी असली आवाज और व्यक्तित्व को दबा दिया गया था। कई फिल्मों के प्रस्ताव होने के बावजूद, उन्होंने प्रसिद्धि के बजाय खुद को जानने और समझने का समय लेने का निर्णय लिया।
उन्होंने आगे कहा, "अपने ब्रेक के दौरान, मैं लंदन चली गई और वहां एक कॉलेज में शेक्सपियर और कविता का अध्ययन किया। मैंने कला और संग्रहालयों में समय बिताया और बौद्ध धर्म-योग के बारे में जानकारी हासिल की। मैंने अपने जीवन को दिखावे से हटकर आत्मा और जिज्ञासा पर आधारित बनाने की कोशिश की।"
इस गहन आत्म-खोज के बाद, लीजा ने स्वतंत्र फिल्मों की ओर कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा, "उस समय की फिल्में आमतौर पर कम बजट में बनती थीं, लेकिन मेरा उद्देश्य केवल पैसे कमाना नहीं था। मैं विश्वास और उम्मीद के साथ फिल्में बनाती थी। यह मेरे लिए खुद को जानने और समझने का एक अवसर था। मेरी फिल्मों में हल्की-फुल्की और गंभीर दोनों प्रकार की फिल्में शामिल थीं।"
पुरानी तस्वीरों और फिल्मों के बारे में बात करते हुए लीजा ने कहा, "हालांकि वे मुझे अपनी पुरानी सुंदरता की याद दिलाती हैं, लेकिन मेरा असली मकसद कभी भी प्रसिद्धि या सुंदरता नहीं थी। मेरे लिए असली काम जीवन में गहराई लाने और अर्थ खोजने का था। समय ने मुझे मिटाया नहीं, बल्कि मेरे असली होने को उजागर किया। यह सफर मेरे लिए अपने आप को समझने और अपनाने का अनुभव साबित हुआ।"
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